तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि ने शनिवार को कहा कि राष्ट्र हित उनका एकमात्र पैमाना है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल शक्ति का पद नहीं है। रवि शनिवार को थिंक टू डेयर शृंखला के तहत राज्य के उद्यमियों व कारोबारियों से बात कर रहे थे।
दरअसल, इस दौरान एक उद्यमी ने कहा, आप सत्ता में हैं, तो क्यों नहीं तमिलनाडु को खुले में थूकने से मुक्त किया जाए। वैसे भी यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के लक्ष्यों को आगे बढ़ाती है। इस पर रवि ने कहा, यह आपका भ्रम है कि मेरे पास कोई शक्ति या सत्ता है।
उन्होंने कहा, अक्सर यह माना जाता है कि राज्यपाल के पास बहुत काम होता है और वे बहुत ताकतवर होते है। इसी वजह से अक्सर जब किसी कार्यक्रम में बुलाया जाता है, तो कहा जाता है कि राज्यपाल ने तमाम व्यस्तताओं के बीच समय निकाला, इसके लिए शुक्रिया। जबकि, सच यह है कि राज्यपाल के पास कोई खास काम नहीं होता है।
रवि पिछले महीन तब चर्चा में आए थे, जब उन्होंने भ्रष्टाचार सहित कई गंभीर मामलों में मुकदमों का सामना कर रहे तमिलनाडु के मंत्री सैंथिल बालाजी को बर्खास्त करने का नोटिस जारी कर दिया था। जबकि, सरकार ने इस तरह की कोई अनुशंसा नहीं की थी।
हालांकि, केंद्र के हस्तक्षेप के बाद रवि ने इस नोटिस को रद्द कर दिया था। रवि को कहना था कि बालाजी भ्रष्टाचार सहित तमाम गंभीर अपराधों का सामना कर रहे हैं, मंत्री पद के प्रभाव से वह जांच को प्रभावित कर रहे हैं, लिहाजा उन्हें तत्काल मंत्री पद से हटाए जाने की जरूरत है।