पश्चिम बंगाल भाजपा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें कुछ युवकों और एक महिला को कॉलेज परिसर में शराब पीते हुए देखा जा रहा है। भाजपा का दावा है कि ये लोग सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की छात्र इकाई टीएमसीपी से जुड़े हैं।
यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है, जब साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज परिसर में एक छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म की खबर से राज्य में आक्रोश है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि वीडियो में जो लोग दिख रहे हैं वे दक्षिण दिनाजपुर जिले के बालुरघाट कॉलेज की टीएमसीपी इकाई से जुड़े हैं। 'अमर उजाला डॉट कॉम' इस वीडियो की प्रमाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर पाया है।
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इस पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि वीडियो में दिख रहे लोग अब संगठन से जुड़े नहीं हैं। पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि भाजपा ने तीन साल पुराना वीडियो अब क्यों निकाला और इसके पीछे उसकी मंशा क्या है।
पश्चिम बंगाल भाजपा ने रविवार रात एक पोस्ट में लिखा, शराब, महिलाएं और गंदी राजनीति — यही है टीएमसी का असली चेहरा। यह 2022 का वीडियो है, जिसमें तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद (टीएमसीपी) के बालुरघाट के अध्यक्ष को कॉलेज छात्र संघ कक्ष में महिलाओं के साथ शराब पीते देखा जा सकता है। हां, यह सब कैंपस के अंदर हो रहा है!'
भाजपा ने यह भी आरोप लगाया, कसबा से लेकर संदेशखाली तक टीएमसीपी छात्र संघ कक्ष और टीएमसी दफ्तर महिलाओं के शोषण और अपराध के अड्डे बन चुके हैं। टीएमसी में शामिल होने के लिए या तो विकृत मानसिकता होनी चाहिए या अपराधी होना चाहिए। जब इस पर टीएमसीपी के राज्य अध्यक्ष त्रिणांकुर भट्टाचार्य से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि पार्टी और उसकी छात्र इकाई किसी भी तरह के अनुचित व्यवहार का समर्थन नहीं करती।
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उन्होंने कहा, वीडियो में जो लोग दिख रहे हैं वे अब संगठन का हिस्सा नहीं हैं। हम किसी भी आपत्तिजनक व्यवहार का समर्थन नहीं करते, लेकिन यह भी समझना चाहिए कि किसी बड़े संगठन में 100 फीसदी सही लोग नहीं हो सकते। जब भी हमें किसी घटना की जानकारी मिलती है, हम तुरंत कार्रवाई करते हैं। भट्टाचार्य ने कहा कि टीएमसीपी अपने सदस्यों के अनुचित व्यवहार को लेकर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाती है और हमेशा महिलाओं के खिलाफ शोषण के विरोध में आवाज उठाती है।