प्रधानमंत्री की एडवाइजरी पर तृणमूल कांग्रेस ने सवालिया निशान लगाया है। पार्टी के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने शुक्रवार को कहा कि पीएम की एडवाइजरी से भ्रम की स्थिति हो गई है। जब राज्य सभा में 44 फीसदी और लोकसभा में 22 फीसदी सांसद 65 साल से ऊपर के हैं। इसके बावजूद संसद सत्र क्यों चल रहा है? ऐसे में पीएम की एडवाइजरी का क्या तात्पर्य है?
ओ ब्रायन ने कहा, 'गुरुवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने कोरोना को रोकने के लिए जनता से सहयोग का आह्वान किया था। उन्होंने कई एहतिहात भी बरतने को कहा था। इसमें दस साल तक के छोटे बच्चों और 65 साल से ऊपर से बुजुर्गों को घर में ही रहने की सलाह दी थी।' उन्होंने आगे कहा, 'एक ओर जनता कर्फ्यू, बिना काम के घर से बाहर न निकलने की सलाह और दूसरी ओर संसद कैसे चल सकती है? इससे भ्रामक स्थिति पैदा हो रही है। वह भी तब जब पीएम नरेंद्र मोदी खुद संसद में आ नहीं रहे हैं, फिर संसद क्यों चल रही है?'
पीएम नरेंद्र मोदी ने कोरोना के बढ़ते मामलों पर चिंता जाहिर की थी। उन्होंने जनता से अपील की थी कि जब तक जरूरी न हो घर से निकलने से परहेज करें। प्रत्येक देशवासी को सजग रहने और सतर्कता बरतने की सलाह दी थी। 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का पालन करने के अलावा आने वाले कुछ समय तक नियमित जांच के लिए अस्पताल जाने से बचने को कहा था।