फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sharad Pawar: अदाणी से मुलाकात को लेकर महुआ मोइत्रा का शरद पवार पर तीखा हमला, संजय राउत भी एनसीपी चीफ से मिले

Fri, 21 Apr 2023 05:39 AM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अदाणी ग्रुप को लेकर हिंडनबर्ग रिसर्च के खुलासे की जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराने की विपक्ष की मांग के बीच उद्योगपति गौतम अदाणी ने गुरुवार को मुंबई में पवार के आवास पर उनसे मुलाकात की।
विज्ञापन
महुआ मोइत्रा - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा ने उद्योगपति गौतम अदाणी से मुलाकात को लेकर एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार पर तंज कसा है। शरद पवार और अदाणी की मुलाकात से संबंधित खबर ट्विटर पर साझा करते हुए टीएमसी सांसद ने लिखा, मुझे महान मराठों से लोहा लेने में कोई डर नहीं है। उम्मीद ही कर सकते हैं कि उनमें देश को पुराने रिश्तों से ऊपर रखने की अच्छी समझ है। मोइत्रा ने यह भी कहा कि उनका ट्वीट विपक्षी एकता के खिलाफ नहीं था, बल्कि जनहित के पक्ष में है।

विज्ञापन


अदाणी ग्रुप को लेकर हिंडनबर्ग रिसर्च के खुलासे की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित करने की विपक्षी दलों की मांग के बीच उद्योगपति गौतम अदाणी ने गुरुवार को मुंबई में एनसीपी प्रमुख शरद पवार के आवास पर उनसे मुलाकात की। पार्टी सूत्रों ने कहा कि दक्षिण मुंबई में स्थित पवार के आवास ‘सिल्वर ओक’ में यह मुलाकात लगभग दो घंटे तक चली।

पवार से मिले संजय राउत
वहीं, अदाणी की मुलाकात के कुछ घंटे बाद शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने एनसीपी अध्यक्ष पवार से मुलाकात की। राउत दक्षिण मुंबई स्थित पवार के आवास 'सिल्वर ओक' पर उनसे मिलने पहुंचे थे। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच किस मुद्दे पर चर्चा हुई, अभी इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
विज्ञापन


पवार ने किया था अदाणी समूह का बचाव
बता दें, पवार ने इस महीने की शुरुआत में अदाणी समूह का बचाव किया था और हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट की आलोचना की थी। पवार ने एनसीपी के सहयोगी दल कांग्रेस से अलग रुख अपनाते हुए कहा था कि वह अदाणी समूह पर लगे आरोपों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की तरफ से समिति गठित किए जाने का समर्थन करते हैं क्योंकि संयुक्त संसदीय समिति में संख्या बल के हिसाब से सत्तारूढ़ भाजपा का दबदबा होगा, जिसके चलते जांच को लेकर संदेह पैदा होगा। बाद में उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी अदाणी समूह पर लगे आरोपों की जांच के लिए जेपीसी गठित करने की भाजपा विरोधी दलों की मांग का समर्थन नहीं करती, फिर भी वह विपक्षी एकता के लिए उनके रुख के खिलाफ नहीं जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें