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TMC vs BJP: ‘पहलवानों से पूछें उन्हें कैसा महसूस हो रहा?’, TMC नेता ने बृजभूषण की तस्वीर शेयर कर साधा निशाना

Fri, 21 Jul 2023 03:09 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को बृजभूषण को जमानत दी, जिसके बाद वह मानसून सत्र में भाग लेने के लिए संसद पहुंचे थे। इस दौरान उनकी एक तस्वीर खींची गई, जिसमें उन्हें मुस्कुराते हुए देखा जा सकता है। अब इस तस्वीर को लेकर विपक्ष हमलावर हो गया है।
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तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने भाजपा सांसद पर साधा निशाना - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने शुक्रवार को भारतीय कुश्ती महासंघ के निवर्तमान प्रमुख और भाजपा के सांसद बृजभूषण शरण सिंह की एक तस्वीर शेयर कर तीखी प्रतिक्रिया दी है। बता दें, तस्वीर में गुरुवार को नई दिल्ली में संसद के मानसून सत्र के पहले दिन के बाद बाहर निकलते समय सिंह को मुस्कुराते हुए देखा जा सकता है। 

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कल मिली थी जमानत

गौरतलब है, दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के मामले में बृज भूषण को नियमित जमानत दी है। अदालत ने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के निलंबित सहायक सचिव विनोद तोमर की जमानत याचिका भी मंजूर कर ली थी। अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट हरजीत सिंह जसपाल ने कहा था कि कुछ शर्तों के साथ 25,000 रुपये हर्जाना लेकर उन्हें जमानत दी जा रही है। साथ ही अदालत ने बिना इजाजत लिए उन्हें देश से बाहर जाने के लिए मना किया है। 

मोइत्रा का ट्वीट

मोइत्रा ने तस्वीर शेयर कर लिखा कि यौन उत्पीड़न के मामले में जमानत मिलने के बाद आरोपी भाजपा सांसद ने कल संसद में विजयी और प्रसन्न होकर प्रवेश किया। उन्होंने आगे लिखा कि आरोपी की जमानत पर दिल्ली पुलिस ने विरोध तक नहीं किया। टीएमसी नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मौन गुरु से संबोधित किया। उन्होंने आगे लिखा,‘ मौन गुरु माननीय प्रधानमंत्री कृपया अपनी अंतरात्मा से पूछें कि पहलवानों को यह तस्वीर देखकर कैसा महसूस होता होगा।

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दिल्ली पुलिस ने जिन धाराओं में दाखिल किया आरोप पत्र
15 जून को दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दाखिल करीब 1000 पन्नों की चार्जशीट में भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 354A, 354D लगाई थी। आईपीसी की धारा 354 में अधिकतम 5 साल की सजा का प्रावधान है और यह एक गैर जमानती धारा है। आईपीसी की धारा 354A के तहत अधिकतम एक साल की सजा का प्रावधान है और यह एक जमानती धारा है। आईपीसी की धारा 354D में 5 साल की अधिकतम सजा का प्रावधान है जबकि यह धारा जमानती धारा है। 
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