पश्चिम बंगाल विधानसभा उपचुनाव में सभी छह सीटों पर जीत हासिल करने के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के हौसले बुलंद हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस को अपना अहंकार किनारे रखना चाहिए और ममता बनर्जी को इंडिया गठबंधन का नेतृत्व सौंपना चाहिए। उन्होंने महाराष्ट्र चुनाव में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) की हार को लेकर भी कांग्रेस की आलोचना की।
कल्याण बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा को चुनौती देने के लिए एकीकृत और निर्णायक नेतृत्व की जरूरत पर जोर दिया। टीएमसी सांसद ने जोर देते हुए कहा कि ममता बनर्जी के सिद्ध नेतृत्व और जमीन से जुड़ाव ने उन्हें विपक्षी गठबंधन में सबसे उपयुक्त चेहरा बना दिया है।
सेरामपुर के हुगली जिले में एक ब्लड डोनेशन कैंप के दौरान कल्याण बनर्जी ने कहा, "कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों को हालिया चुनाव में अपनी असफलताओं को स्वीकार करना चाहिए और एकता को व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर रखना चाहिए। उन्हें अपने अहंकार को किनारे करना चाहिए और ममता बनर्जी को इंडिया गठबंधन का नेता मान लेना चाहिए।" उन्होंने कहा कि एकीकृत और व्यावहारिक दृष्टिकोण के बिना विपक्ष के प्रयास डगमगाते रहेंगे।
इंडिया गठबंधन के लिए ममता बनर्जी आदर्श चेहरा
ममता बनर्जी को भाजपा के खिलाफ लड़ाई का शानदार रिकॉर्ड रखने वाली नेता बताते हुए तृणमूल सांसद ने कहा, ‘‘उन्हें पूरे भारत में एक योद्धा के रूप में जाना जाता है। उनका नेतृत्व और जनता से जुड़ने की क्षमता उन्हें ‘इंडिया’ गठबंधन का आदर्श चेहरा बनाती है।’’
भाजपा ने कसा तंज
कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई ने तृणमूल सांसद के बयान पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जबकि भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के नेता ने उनका मजाक उड़ाते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन के नेतृत्व में बदलाव से इसका चुनावी भाग्य नहीं बदलेगा। भाजपा प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘चाहे कांग्रेस हो या तृणमूल या फिर कोई और पार्टी, इसका इंडिया गठबंधन के चुनावी भाग्य पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि देश के लोगों ने इन पार्टियों को नकार दिया है।’’
क्या रहे थे चुनाव के नतीजे?
भाजपा ने शनिवार को महाराष्ट्र में शानदार प्रदर्शन करते हुए 288 विधानसभा सीट में से 230 पर कब्जा कर लिया, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी दलों के गठबंधन महा विकास आघाड़ी को सिर्फ 46 सीट ही मिलीं। दूसरी तरफ हेमंत सोरेन के झामुमो नीत गठबंधन ने झारखंड में शानदार वापसी करते हुए 81 सदस्यीय विधानसभा में 56 सीट जीतकर लगातार दूसरी बार सत्ता हासिल कर ली, जबकि भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को महज 24 सीट ही मिल सकीं।