तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद अर्पिता घोष ने इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे को राज्यसभा अध्यक्ष वेंकैया नायडू ने मंजूर भी कर लिया है। राज्यसभा सचिवालय ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। बता दें कि अर्पिता घोष उन सांसदों में शामिल थीं, जिन पर संसद के मानसून सत्र के दौरान हंगामा करने और मार्शलों से उलझने का आरोप लगा था। इस मामले में अर्पिता को सस्पेंड भी किया गया था। पश्चिम बंगाल में उपचुनाव से पहले अर्पिता घोष के इस्तीफे ने राजनीतिक गलियारों में अटकलों को हवा दे दी है।
अर्पिता ने 2010 में अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर उन्होंने सांसद पद से इस्तीफा दे दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अर्पिता घोष को संगठन में जिम्मेदारी दी जाएगी। आने वाले दिनों में वह संगठनात्मक स्थिति में अहम भूमिका निभाते नजर आएंगी।
बता दें कि बंगाल की भवानीपुर सीट पर 30 सितंबर को चुनाव होना है। इस सीट पर भाजपा की प्रियंका टिबरेवाल का मुकाबला राज्य की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी से होगा। दोनों भवानीपुर सीट के लिए नामांकन दाखिल कर चुकी हैं। ममता बनर्जी ने कोलकाता में ही नामांकन दाखिल किया था। इसी साल हुए विधानसभा चुनाव में ममता नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ी थीं, लेकिन उन्हें भाजपा के सुवेंदु अधिकारी ने हरा दिया था। बंगाल का सीएम बने रहने के लिए ममता को भवानीपुर से चुनाव जीतना जरूरी है।