तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी कथित बंगाल स्कूल रोजगार घोटाले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कोलकाता कार्यालय में पेश हुए। इससे पहले ईडी ने अभिषेक बनर्जी को तलब किया था। उन्हें आज यानी 9 नवंबर को ईडी के सामने पेश होने के लिए बुलाया गया था।
ईडी कार्यालय से बाहर आने के बाद तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा कि मैंने कथित स्कूल रोजगार घोटाले की जांच में सहयोग किया है। मैंने ईडी को छह हजार पन्नों का जवाब सौंपा है। अभिषेक ने कहा कि मेरे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। वे जब चाहें मुझे बुला सकते हैं। सभी चीजें लोगों के सामने हैं कि भाजपा हमसे लड़ने में सक्षम नहीं हैं, इसलिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। अगर आपके पास मेरे खिलाफ कोई सबूत है तो अदालत के सामने पेश करें।
अभिषेक बनर्जी ने महुआ मोइत्रा मामले में भी अपनी बात रखी। ईडी कार्यालय के बाहर जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि महुआ मोइत्रा अपनी लड़ाई खुद लड़ने में सक्षम हैं। दरअसल, महुआ पर संसद में सवाल पूछने के बदले रिश्वत लेने के आरोप लगे हैं। सूत्रों की मानें तो मामले में उनकी लोकसभा सदस्यता भी जा सकती है।
इससे पहले पश्चिम बंगाल की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री और तृणमूल की प्रवक्ता शशि पांजा ने समन को प्रतिशोध की राजनीति से प्रेरित बताया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा अगले साल की शुरुआत में महत्वपूर्ण चुनाव से पहले नेताओं को परेशान करने के लिए ऐसी प्रतिशोध की राजनीति कर रही है।
उल्लेखनीय है कि ईडी ने इससे पहले बनर्जी को नौ अक्तूबर को उसके सामने पेश होने के लिए बुलाया था। इससे पहले वे नई दिल्ली में पार्टी की विरोध रैली में भाग लेने की वजह से तीन अक्तूबर के समन में शामिल नहीं हुए थे। वहीं, 13 सितंबर को भी शिक्षक भर्ती घोटाले में ईडी ने बनर्जी से लगभग नौ घंटे तक पूछताछ हुई थी।