पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद मतों की गणना से पहले सत्ता धारी दल और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसी बीच टीएमसी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य चुनाव आयोग से मुलाकात की है। इस दौरान टीएमसी नेताओं ने स्ट्रांग रूम में सीसीटीवी के न काम करने पर चिंता जताई है।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के मद्देनजर तृणमूल कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल राज्य चुनाव आयोग कार्यालय पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल में फिरहाद हकीम, असीम बोस और शशि पांजा शामिल थे। तृणमूल कांग्रेस नेता शशि पांजा ने अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात की और कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। शशि पांजा ने स्ट्रांग रूम में लगे सीसीटीवी कैमरों के ठीक से काम न करने पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने चुनाव आयोग से इस मामले में उचित ध्यान देने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि मतगणना प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी क्यों नहीं है। उन्होंने राज्य चुनाव आयुक्त को सीसीटीवी व्यवधानों पर एक पत्र भी लिखा।
15 बूथों पर फिर होने वाले मतदान पर टिप्पणी
शशि पांजा ने स्ट्रांग रूम के पूर्ण निगरानी रिकॉर्ड तक तत्काल पहुंच की मांग की है। उन्होंने दक्षिण 24 परगना की 15 बूथों पर होने वाले पुनर्मतदान पर भी अपनी बात रखी। टीएमसी नेता ने कहा कि चुनाव आयोग ने इन बूथों पर पुनर्मतदान को उचित माना है।
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भाजपा की रणनीति पर आरोप
शशि पांजा ने भाजपा पर चुनाव में उकसावे की रणनीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा की रणनीति थी कि मतदान के दिन अन्य राजनीतिक दलों को उकसाया जाए। इससे परेशानी पैदा हो और कई बूथों पर बड़े पैमाने पर पुनर्मतदान हो सके। पांजा ने कहा कि भाजपा चुनाव के लिए तैयार नहीं है और वे जीत नहीं रहे हैं। भाजपा ने बंगाल को बदनाम करने की यह कुटिल रणनीति अपनाई है।
सर्वोच्च न्यायालय में याचिका पर टिप्पणी
तृणमूल कांग्रेस ने मतगणना में केवल केंद्र सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कर्मचारियों को पर्यवेक्षक बनाने के कोलकाता उच्च न्यायालय के आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है। शशि पांजा ने इस संबंध में टिप्पणी करते हुए कहा कि यह कोई नया आदेश नहीं है। उन्होंने बताया कि यह पहले से मौजूद आदेश है जिसे फिर से प्रसारित किया गया है। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने इस आदेश का संज्ञान लिया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि मतगणना एजेंट अपनी जगह पर रहेंगे।