पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में अज्ञात हमलावरों द्वारा किए गए हमले में घायल हुए एक टीएमसी नेता ने शनिवार सुबह दम तोड़ दिया। टीएमसी नेता पतित पॉल पर 21 जुलाई की रात को एक गिरोह ने घर के पास हमला किया था।
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में अज्ञात हमलावरों द्वारा किए गए बर्बर हमले में घायल एक टीएमसी नेता की शनिवार को मौत हो गई। मृतक टीएमसी नेता के परिजनों ने हमले के पीछे भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है।
विज्ञापन
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिले के रेजिनगर इलाके के एक प्रभावशाली टीएमसी नेता पतित पॉल को 21 जुलाई की रात उनके घर के पास एक गिरोह ने गोली मार दी और इसके बाद उन पर धारदार हथियार से प्रहार किया। उन्हें गंभीर हालत में मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां शनिवार को उन्होंने दम तोड़ दिया
मृतक के भाई पारितोष ने आरोप लगाया कि इस हमले के पीछे स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं का हाथ है। उन्होंने दावा किया कि प्राथमिकी पतित पॉल के मरने से पहले दिए गए बयान के आधार पर दर्ज की गई है। एफआईआर में सात लोगों के नाम शामिल हैं। जो कथित रूप से भाजपा से जुड़े हैं। इन सभी ने पहले एक हत्या के मामले में गवाही देने को लेकर पॉल को धमकी दी थी।
विज्ञापन
परितोष ने कहा, हम अब भी एफआईआर दर्ज कराने को लेकर उन लोगों से धमकी झेल रहे हैं। ये सभी रेजिनगर में पहले हुई एक हत्या के मामले में आरोपी के करीबी हैं। पुलिस ने कहा कि आरोपियों की तलाश जारी है।
पूर्व कांग्रेस सांसद और पूर्व पीसीसी प्रमुख अधीर चौधरी ने इस हत्या को तृणमूल कांग्रेस की आपसी गुटबाजी का नतीजा बताया और निष्पक्ष जांच की मांग की। भाकपा (माले) केंद्रीय समिति के सदस्य सुजन चक्रवर्ती ने कहा कि यह घटना साबित करती है कि राज्य में अब टीएमसी समर्थक और स्थानीय नेता भी सुरक्षित नहीं हैं।
टीएमसी के भरतपुर विधायक और बागी नेता हुमायूं कबीर ने कहा कि पीड़ित भले ही पार्टी नेता थे, लेकिन आरोपी कभी भी पार्टी का हिस्सा नहीं थे। उन्होंने कहा, सिर्फ पार्टी का झंडा लहराना या कुछ कार्यक्रमों में शामिल होना किसी को टीएमसी समर्थक नहीं बना देता। हम चाहते हैं कि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिले।