राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार को आईएसआईएस कट्टरपंथीकरण और देश विरोधी साजिश रचने के मामले में तमिलनाडु के एक प्रमुख आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
तमिलनाडु के मयिलाडुथुरै का निवासी ए. अल्फासिथ के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की धारा 13 और 39 के तहत एनआईए की विशेष अदालत में चार्जशीट दायर की गई।
एनआईए ने कहा कि अल्फासिथ का संबंध कट्टरपंथी इस्लामवादियों और आईएसआईएस के कट्टर समर्थकों से था। जिनमें मोहमद आशिक और सथिक बाचा भी शामिल हैं। जो तमिलनाडु में कई आतंकी घटनाओं में शामिल रहे हैं।
जांच के दौरान एनआईए को पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। जिनसे यह साबित होता है कि अल्फासिथ और उसके साथियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से आईएसआईएस से संबंधित आपत्तिजनक वीडियो, दस्तावेज और चित्रों को प्रसारित किया। जिनका उद्देश्य सैकड़ों मुस्लिम युवाओं को निशाना बनाना था।
चार्जशीट में कहा गया है कि इन लोगों ने इस्लामिक स्टेट और ब्लैक फ्लैग सोल्जर्स जैसे कई व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप बनाए थे। ताकि देश की एकता, सुरक्षा और सांप्रदायिक सौहार्द्र को खतरे में डालने वाली गैरकानूनी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सके।
एजेंसी ने आगे कहा कि उनका उद्देश्य आईएसआईएस की विचारधारा को फैलाना और असुरक्षित युवाओं को कट्टरपंथी बनाना था। जांच में यह भी सामने आया कि अल्फासिथ आईएसआईएस जैसे वैश्विक आतंकी संगठन की गतिविधियों का अनुसरण करता था और टेलीग्राम चैनल 'nashida33' के जरिए आपत्तिजनक वीडियो और दस्तावेज डाउनलोड किए थे ।