प्रद्योत किशोर देबबर्मा ने एक ट्विटर पोस्ट में कहा, पांच महीने की ट्रोलिंग, दुर्व्यवहार, अपमान आज समाप्त हो गया क्योंकि हम आधिकारिक तौर पर अन्य संगठनों के साथ गृह मंत्रालय के अधिकारियों से मिले। मैं प्रार्थना करता हूं कि भगवान उन लोगों को कुछ सद्बुद्धि दे, जिन्होंने पिछले कुछ महीनों में मेरा मजाक उड़ाया था।
आदिवासियों के लिए अलग राज्य की मांग कर रही त्रिपुरा की मुख्य विपक्षी पार्टी टिपरा मोथा (Tipra Motha) के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को नई दिल्ली में गृह मंत्रालय के साथ एक आधिकारिक बैठक की। पार्टी सुप्रीमो प्रद्योत किशोर देबबर्मा ने यह जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले देबबर्मा ने कहा कि संवैधानिक समाधान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सच्ची है।
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उन्होंने एक ट्विटर पोस्ट में कहा, पांच महीने की ट्रोलिंग, दुर्व्यवहार, अपमान आज समाप्त हो गया क्योंकि हम आधिकारिक तौर पर अन्य संगठनों के साथ गृह मंत्रालय के अधिकारियों से मिले। मैं प्रार्थना करता हूं कि भगवान उन लोगों को कुछ सद्बुद्धि दे, जिन्होंने पिछले कुछ महीनों में मेरा मजाक उड़ाया था। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि गृह मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई और उसके नतीजे क्या रहे।
देबबर्मा ने कहा, मैंने बहुत कष्ट सहा है, लेकिन हमारे लोगों के प्रति मेरा प्यार बना हुआ है और मेरी प्रतिबद्धता भी बनी हुई है। इससे पहले एक जुलाई को उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी और उनसे "ग्रेटर टिपरालैंड" की मांग का "संवैधानिक समाधान" लाने का आग्रह किया था। उन्होंने मार्च में यहां भगवा पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के बाद इस मुद्दे पर शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी चर्चा की थी।
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ग्रेटर टिपरालैंड राज्य की अवधारणा को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन माना जाता है कि इसमें त्रिपुरा के अलावा कई अन्य पूर्वोत्तर राज्यों और बांग्लादेश के हिस्से भी शामिल हैं। 16 जुलाई को आयोजित पार्टी के पूर्ण सत्र में टिपरा मोथा ने स्वदेशी लोगों की समस्याओं के संवैधानिक समाधान के लिए अपनी मुख्य मांग के रूप में ग्रेटर टिपरालैंड का समर्थन किया था।
बता दें कि देबबर्मा त्रिपुरा के पूर्व शाही परिवार के वंशज हैं। उन्होंने 2019 में कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद टिपरा मोथा का गठन किया था। इस क्षेत्रीय पार्टी के पास अब भाजपा शासित राज्य में 60 सदस्यीय विधानसभा में 13 विधायक हैं।