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Tripura Politics: भाजपा की सहयोगी IPFT के पास पहुंचे प्रद्योत देबबर्मा, कहा- एक सिंबल पर चुनाव लड़ने को तैयार

Sun, 08 Jan 2023 05:54 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला

सार

टिपरा मोथा के अध्यक्ष के आह्वान पर आईपीएफटी के प्रवक्ता अमित देबबर्मा ने  प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी का नेतृत्व दृष्टिकोण के फायदे और नुकसान पर विचार कर रहा है। हम जल्द से जल्द लोगों को हमारे फैसले से अवगत कराएंगे।
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टिपरा मोथा प्रमुख प्रद्योत मानिक्य देबबर्मा - फोटो : Facebook/ Pradyot Manikya Debbarma
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विस्तार
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इस साल सबसे पहले मेघालय और नागालैंड और उसके बाद त्रिपुरा में राजनीतिक दलों के बीच सियासी लड़ाई होगी। पूर्वोत्तर भारत के इन तीनों राज्यों में से त्रिपुरा की लड़ाई सबसे दिलचस्प है। यहां बीजेपी सत्ता बरकरार रखने की जद्दोजहद से जूझ रही है। वहीं, CPI(M) भी अपने गढ़ को वापस पाने के लिए  पूरी जोर आजमाइश कर रही है। इन सबके बीच, पूर्व शाही परिवार के वंशज प्रद्योत देब बर्मन की अगुवाई वाली 'टिपरा मोथा' खुद को मजबूत बनाने में लगी है। इसी क्रम में टिपरा मोथा के अध्यक्ष प्रद्योत देबबर्मा ने भाजपा की सहयोगी आईपीएफटी से संपर्क किया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि उनकी पार्टी ''एक चुनाव चिन्ह'' पर विधानसभा चुनाव लड़ने को तैयार है। प्रद्योत देबबर्मा ने यह भी कहा कि एकजुट होने का यह सही समय है और लोग यही चाहते हैं।

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देबबर्मा में शनिवार को एक फेसबुक लाइव में आईपीएफटी के साथ आने के लिए अपनी हामी भरी है। उन्होंने कहा कि मैं एक सिंबल पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं। उन्होंने कहा कि एनसी देबबर्मा (आईपीएफटी अध्यक्ष) अब हमारे साथ नहीं हैं। हमारी मांग एक ही है। आगे आइए, 'थंसा' (एकता) के लिए एक साथ आवाज उठाएं। उन्होंने आगे कहा कि यह एकजुट होने का सही समय है और राज्य की गरीब जनता एकता चाहती है। अगर नेता लोगों का दिल तोड़ते हैं, तो भगवान हमें माफ नहीं करेगा।"

गौरतलब है कि 'टिपरा मोथा' के अध्यक्ष ने एकता का यह आह्वान तब किया है जब हाल ही में आईपीएफटी के अध्यक्ष एनसी देबबर्मा की मृत्यु हुई है। नए साल के पहले दिन यानी एक जनवरी को उनका निधन हो गया।
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टिपरा मोथा के अध्यक्ष के इस आह्वान पर आईपीएफटी के प्रवक्ता अमित देबबर्मा ने  प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी का नेतृत्व दृष्टिकोण के फायदे और नुकसान पर विचार कर रहा है। हम जल्द से जल्द लोगों को हमारे फैसले से अवगत कराएंगे। बता दें कि बीते साल भी टिपरा मोथा इस तरह के एक और प्रस्ताव के साथ IPFT के पास पहुंचीं थी, लेकिन एनसी देबबर्मा ने इसे खारिज कर दिया था। 

गौरतलब है कि प्रद्योत देबबर्मा त्रिपुरा के पूर्व शाही परिवार के वंशज हैं। उन्होंने 2019 में राज्य कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में पद छोड़ने के बाद फरवरी 2021 में टिपरा मोथा का गठन किया था। गठन के कुछ महीनों के भीतर ही टिपरा मोथा ने बीजेपी और आईपीएफटी को हराकर त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) चुनाव जीता था। यह परिषद राज्य के दो-तिहाई भौगोलिक क्षेत्र का प्रशासन करती है।

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