कॉन्फ्रेंस के दौरान डॉ. वर्तिका नंदा
- फोटो : सोशल मीडिया
स्पेन के बार्सिलोना में 6-8 सितंबर 2023 के बीच 7वें ECREA रेडियो एंड साउंड कॉन्फ्रेंस का आयोजन हुआ। इस आयोजन में भारत का प्रतिनिधित्व तिनका-तिनका फाउंडेशन ने किया। तिनका-तिनका फाउंडेशन की संस्थापक डॉ. वर्तिका नंदा इस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुईं। इस दौरान डॉ. वर्तिका ने तिनका फाउंडेशन द्वारा हरियाणा की सोनीपत जेल में संचालित किए जा रहे तिनका जेल रेडियो के कैदियों पर पड़े प्रभाव पर प्रजेंटेशन दी।
जेल रेडियो से कैदियों की सेहत में हुआ सुधार
ECREA (European Communication and Research Association) कॉन्फ्रेंस का आयोजन काटालान रेडियो ऑब्जर्वेटरी और बार्सिलोना यूनिवर्सिटी के ऑडियो-विजुअल्स कम्युनिकेशन एंड एडवरटाइजिंग विभाग ने किया। प्रजेंटेशन के दौरान डॉ. वर्तिका ने बताया कि जेल रेडियो से कैदियों की मानसिक और शारीरिक सेहत में सुधार हुआ है। साथ ही कैदियों को स्किल ट्रेनिंग भी दी जा रही है ताकि जेल से निकलने पर वह एक नई शुरुआत कर सकें। इससे पहले बीती 15 जून 2022 को नॉर्वे के ओस्लो में हुई पहली इंटरनेशनल प्रिजन रेडियो कॉन्फ्रेंस में भी तिनका-तिनका फाउंडेशन ने शिरकत की थी। इस कॉन्फ्रेंस में 20 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इन आयोजना का उद्देश्य कैदियों का पुनर्वास है।
क्या है तिनका तिनका फाउंडेशन
बता दें कि तिनका-तिनका फाउंडेशन एक गैर लाभार्थी संगठन है। इस फाउंडेशन ने आगरा जेल, देहरादून जेल और हरियाणा जेल में जेल रेडियो की शुरुआत की है। यह फाउंडेशन कैदियों को जेल रेडियो के लिए तकनीकी ट्रेनिंग देती है। इस फाउंडेशन की जेल रेडियो की शुरुआत साल 2019 में आगरा जेल से हुई थी। इसकी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने पर जेल रेडियो को हरियाणा, देहरादून की जेलों में भी लागू किया गया। हरियाणा की 20 जेलों में से 10 में तिनका-तिनका फाउंडेशन जेल रेडियो का संचालन कर रही है। इसके अलावा फाउंडेशन जेल रेडियो पॉडकास्ट भी संचालित करती है, जो देश का एकमात्र पॉडकास्ट है, जो जेल सुधार जैसे मुद्दे को समर्पित है। तिनका तिनका फाउंडेशन की संस्थापक डॉ. वर्तिका नंदा को उनके काम के लिए साल 2014 में राष्ट्रपति द्वारा स्त्री शक्ति अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था। जेलों में सुधार को लेकर वह तीन किताबें भी लिख चुकी हैं।