जेल सुधारों के लिए समर्पित तिनका तिनका फाउंडेशन ने एक कैदी जय भगवान द्वारा लिखे गए एक गाने को रिलीज किया है। जेल में आने से पहले जयभगवान गायक थे। उनका सपना अपना एक ऑडियो एल्बम रिलीज करने का था। जो तिनका-तिनका फाउंडेशन के जरिए सच हो पाया है।
गौरतलब है कि जय भगवान उन 11 बंदियों में से एक हैं, जिन्हें 2022 में जिला जेल जींद के तिनका जेल रेडियो के जॉकी के रूप में चुना गया था। अब उनके लिखे गीत 'गमे ज़िंदगी में मुस्कुराना सीख ले/ बुरे वक्त में मन समझाना सीख ले' को रिलीज किया गया है। यह गीत जेल की दीवारों के भीतर आशा जगाता है।
कैसे शुरू हुआ यह प्रयोग?
तिनका तिनका फाउंडेशन ने जिला जेल जींद के सुपरिंटेंडेंट संजीव कुमार से अनुमति लेकर जिला जेल देहरादून (उत्तराखंड) के जेलर पवन कोठारी तक यह गीत पहुंचाया। उसके बाद देहरादून जेल के तीन बंदियों डॉक्टर सुचित नारंग, अरुण और रोहित ने गाने को नए सिरे से बनाया। इसके बाद गाने को तिनका तिनका फाउंडेशन ने तिनका जेल रेडियो के यूट्यूब के अपने पॉडकास्ट के 77वें अंक में जारी किया है।
जेल रेडियो की शुरुआत
गौरतलब है कि हरियाणा के जिला जेल जींद में 1 जनवरी 2023 को राज्य के महानिदेशक कारागार मोहम्मद अकील के मार्गदर्शन में जींद जेल के अधीक्षक संजीव कुमार और तिनका तिनका फाउंडेशन की संस्थापक डॉ. वर्तिका नन्दा के सहयोग से जेल के बंदियों के लिए जेल रेडियो की शुरुआत की गई थी। जेल रेडियो का मकसद बंदियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना, रेडियो स्किल से जोड़ना, उनमें अवसाद की कमी लाना और उनमें सकारात्मक सोच विकसित करना है।
कौन हैं सुचित नारंग?
डॉ. सुचित नारंग देहरादून जिला जेल में बंद एक विचाराधीन बंदी हैं। जेल में आने से पहले वे एक संगीतज्ञ थे। उनका चयन 2021 में तिनका जेल रेडियो में रेडियो जॉकी के तौर पर हुआ था। उनका रचा तिनका जेल रेडियो का सिग्नेचर ट्यून 31, मई 2023 को रिलीज किया गया था। अब तिनका जेल रेडियो के हर पॉडकास्ट की शुरुआत और अंत इसी सिग्नेचर ट्यून से होती है।
जेलों में संगीत का प्रयोग
तिनका तिनका फांउडेशन को हरियाणा और उत्तराखंड की जेलों में रेडियो लाने का श्रेय जाता है। इससे पहले फाउंडेशन ने जिला जेल, आगरा में भी रेडियो स्थापित किया था। इन जेलों में रेडियो बंदियों के बीच सकारात्मकता लाने का एक बड़ा प्रयास करता है. इससे पहले भी जेलों से ऐसे कई गाने फांउडेशन ने रिलीज किए हैं।
जानें तिनका तिनका फाउंडेशन और डॉ वर्तिका नन्दा के बारे में
तिनका तिनका जेल सुधारक और मीडिया शिक्षिका डॉ. वर्तिका नन्दा की मुहिम है, जो दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कालेज में पत्रकारिता विभाग की प्रमुख हैं। उन्हें 2014 में भारत के राष्ट्रपति से स्त्री शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। जेलों पर उनके काम को दो बार लिम्का बुक आफ रिकार्ड्स में जगह मिली है। जेलों पर उनके काम पर 2018 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा संज्ञान लिया गया था।
इससे पहले तिनका तिनका फाउंडेशन ने 2019 में जिला जेल, आगरा में जेल रेडियो शुरू किया था। हरियाणा में जेल रेडियो तिनका मंडल आफ प्रिजन रिफार्म्स पर आधारित है। हर साल तिनका तिनका फाउंडेशन, तिनका तिनका इंडिया अवार्ड प्रदान करके भी कैदियों और जेल कर्मचारियों को प्रोत्साहित करता है। यह भारत के इकलौते अवार्ड हैं जो बंदियों और जेल स्टाफ को उनके विशेष कामों के लिए दिए जाते हैं।