असम से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। देहिंग-पटकाई राष्ट्रीय उद्यान के भीतर संदिग्ध लड़की तस्करों और असम वन कर्मियों के बीच मुठभेड़ हुई। जिसकी जानकारी एक वन अधिकारी द्वारा दी गई। उन्होंने कहा, गोलीबारी के दौरान एक संदिग्ध तस्कर गंभीर रुप से घायल हो गया है।
अधिकारी के मुताबिक, असम के वन कर्मियों को सूचना मिली थी कि पड़ोसी राज्य अरुणाचल प्रदेश से लकड़ी तस्करों का एक समूह राष्ट्रीय उद्यान में घुसा है। तस्कर अपने साथ पेड़ काटने वाली मशीन भी लाए थे। बिजली से चलने वाली इस मशीन की आवाज सुनकर तलाशी अभियान शुरु किया गया था। तलाशी के दौरान तस्करों ने कथित तौर पर वन कर्मियों पर गोलीबारी की।
पड़ोसी राज्य में उत्तर-पूर्व मानवाधिकार संगठन (एनईएचआरओ ) ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज की है। जिसमें दावा किया गया है कि डिब्रूगढ़ जिले में असम वन विभाग के कर्मियों ने व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी थी। एनईएचआरओ ने वन विभाग के कर्मियों द्वारा शक्ति के दुरुपयोग और बल के अनुचित उपयोग का भी आरोप लगाया है।
वन कर्मियों पर हत्या का आरोप
शिकायत में कहा गया कि सोमवार को अरुणाचल प्रदेश-असम सीमा के करीब हुकनजुरी के वन क्षेत्र के पास व्यक्ति का शव मिला। दावों के बारे में पूछे जाने पर, प्रभागीय वन अधिकारी बी वी संदीप ने कहा, हम तस्कर की मौत की पुष्टि नहीं कर सकते क्योंकि तस्कर समूह उसे अपने साथ ले गया था। हम केवल इतना जानते हैं कि वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।
वहीं एनईएचआरओ ने कहा, वह व्यक्ति वास्तव में आरक्षित वन क्षेत्र में अपनी लापता गाय को ढूंढ रहा था।
इस बीच, उपायुक्त हेंटो कारगा ने कहा, मृतकों के रिश्तेदारों ने अरुणाचल प्रदेश पुलिस और असम पुलिस दोनों के पास प्राथमिकी दर्ज कराई है।
अधिकारियों ने कहा कि डिब्रूगढ़ जिला आयुक्त द्वारा मामले की मजिस्ट्रेट जांच का भी आदेश दिया गया है।