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Tihar Jail: क्या हर कैदी को मिलती है सत्येंद्र जैन सी सुविधाएं, बीमारी से जेल में कितने लोगों की जाती है जान?

सार

क्या जेल में हर कैदी को इस तरह की सुविधा मिलती है? क्या हर कैदी के लिए जेल में एक सी सुविधाएं होती हैं? भाजपा का क्या कहना है? मनीष सिसोदिया ने क्या जवाब दिया? आइये जानते हैं… 
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तिहाड़ जेल में मसाज करवाते दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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तिहाड़ जेल में दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन के मसाज कराने का वीडियो काफी चर्चा में है। सीसीटीवी फुटेज में सत्येंद्र जैन बिस्तर पर लेटकर कुछ पढ़ रहे हैं, जबकि एक शख्स उनके पैरों की मालिश करता हुआ दिखाई दे रहा है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने अलग-अलग दिनों के ऐसे कई वीडियो जारी कर आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा है। 
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भाजपा के आरोपों पर दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि सत्येंद्र जैन बीमार हैं। उन्हें डॉक्टर ने रोज थेरेपी की सलाह दी है। यही थेरेपी उन्हें जेल के अंदर दी जा रही है। सिसोदिया ने कहा कि जेल के अंदर सभी बीमार कैदियों को समान रूप से इलाज की सुविधा दी जाती है। जैन को कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं दी जा रही है। 

 सवाल ये है कि क्या जेल में हर कैदी को इस तरह की सुविधा मिलती है? क्या हर कैदी के लिए जेल में एक सी सुविधाएं होती हैं? आइये जानते हैं… 
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क्या जेल में सभी कैदियों को एक सी सुविधा मिलती है? 
इसे समझने के लिए हमने रिटायर्ड आईपीएस प्रभात शर्मा से बात की। उन्होंने कहा, 'जेल में अलग-अलग कैदियों के साथ अलग-अलग व्यवहार किया जाता है। ये गलत है, लेकिन इस सच्चाई से भागा नहीं जा सकता है। राजनीतिक कैदियों के लिए अलग व्यवस्था होती है। इसके अलावा अन्य कैदी भी पैसे देकर कई तरह की सुविधा आसानी से हासिल कर लेते हैं। तिहाड़ जेल में भी ये आम बात है।' 

शर्मा ने आगे कहा, 'जेल में इलाज की व्यवस्था भी काफी कमजोर होती है। ऐसे में सभी कैदियों को उचित इलाज नहीं मिल पाता है। ये दुख की बात है कि कई बार कैदियों की तड़पते हुए भी मौत हो जाती है और जेल प्रशासन कुछ नहीं करता है। चूंकि इनके पास न तो पैसा होता है और न ही पॉवर इसलिए ऐसे कैदियों को अपने इलाज के लिए भी काफी मिन्नतें करनी पड़ती हैं। वहीं, राजनीतिक पहुंच रखने वाले कैदियों और पैसे वाले कैदियों को हर तरह की सुविधा आसानी से मिल जाती है।'

वह आगे कहते हैं, 'तिहाड़ जेल में 16 हजार से ज्यादा लोग बंद हैं। आप खुद समझ सकते हैं कि जेल प्रशासन कितने लोगों को किस तरह का इलाज दे पाता होगा? कितने कैदियों को उनकी बैरक में ही फिजियोथेरेपी मिलती होगी? कितने कैदी बिस्लेरी का पानी पीते होंगे? क्योंकि ये सारी सुविधाएं केवल उन्हीं को मिलती है, जिनके पास पहुंच होती है। बाकी कैदियों को फिजियोथेरेपी तो दूर, पैरासिटामॉल भी मुश्किल से मिलती है।'
 

दिल्ली के जेलों में कितने बंदी? 
राजधानी दिल्ली में 1516 सजायाफ्ता कैदी हैं। मतलब इन्हें सजा सुनाई जा चुकी है। वहीं, 16,160 अंडर ट्रायल कैदी हैं। इनके मामलों की सुनवाई अलग-अलग कोर्ट में हो रही है। पूरे देश में ऐसे कैदियों की संख्या एक लाख 54 हजार 447 है।
 
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पिछले साल जेल में 70 कैदियों की हुई मौत
हमने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) का रिकॉर्ड खंगाला। इसके जरिए मालूम चला कि अकेले 2021 में दिल्ली की जेल में 70 कैदियों की मौत हुई थी। ये संख्या जिला जेल और तिहाड़ जेल मिलाकर है। इनमें 58 कैदियों की मौत बीमारी के चलते हुई है। कुछ कैदियों की मौत दिल की बीमारी के चलते हुई, तो कुछ की लिवर, किडनी, एचआईवी और अलग-अलग बीमारियों के चलते हुई। 10 ऐसे भी कैदी थे, जिन्होंने जेल के अंदर आत्महत्या कर ली। दो कैदियों की जेल के अंदर ही हत्या हो गई।
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