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कोलकाता में दुर्गा पूजा: सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 400 चौकियां स्थापित, 17000 जवानों करेंगे निगरानी

Sat, 01 Oct 2022 01:47 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता।

सार

10 हजार होमगार्ड के साथ ही करीब 17,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा पीसीआर की 58 गाड़ियों और 41 रैपिड एक्शन फोर्स कीटीमों को भी लगाया गया है।
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कोलकाता में दुर्गा पूजा पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोलकाता सहित पूरा बंगाल इस समय दुर्गापूजा के रंग में सराबोर हो गया है। हर गली-कूचे में ढाक और संगीत आपका स्वागत करती है। इसके मद्देनजर कोलकाता पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान नजर रखेंगे। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए400 चौकियां स्थापित की गई हैं।

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10 हजार होमगार्ड के साथ ही करीब 17,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा पीसीआर की 58 गाड़ियों और 41 रैपिड एक्शन फोर्स कीटीमों को भी लगाया गया है।

कोलकाता के पुलिस आयुक्त विनीत गोयल ने कहा कि विजया दशमी और मूर्ति विसर्जन के दौरान भी सुरक्षाकर्मियों तैनात रहेंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस की ओऱ से पूर्ण तैनाती दुर्गा पूजा की चतुर्थी के दिन शुरू हुई और यह तैनाती इस त्यौहार के समापन तक लगातार बनी रहेगी।
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उन्होंने कहा कि त्यौहार के दिनों में यदि किसी जगह अधिक भीड़ जुटती है तो अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनाती की जाएगी। पुलिस आयुक्त ने कहा कि चाहे बारिश हो या अधिक भीड़-भाड़ हो, ऐसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह से तैयार है।

कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडालों में कहीं चुनाव बाद की हिंसा तो कहीं यूक्रेन युद्ध की थीम
आज षष्टी है और पूरा बंगाल दुर्गा पूजा मय हो गया है। कदम-कदम पर मां के पंडाल सजे हैं। ढाक की आवाज, मधुर संगीत और पूजा की खुशबू से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया है। इन सबके बीच यहां एक पंडाल ऐसा भी जहां न ढाक की आवाज है और न ही कोई संगीत।

हजारों पंडाल बने हैं। हर पंडाल किसी न किसी थीम पर बना है। कहीं वृंदावन का प्रेम मंदिर तो कहीं रूस-यूक्रेन युद्ध की विभीषिका तो कहीं रानी पद्मावती की थीम पर पंडाल बने हैं। लेकिन एक दुर्गापूजा पंडाल ऐसा भी है, जहां पर न तो ढाक की आवाज सुनाई देती है और ना ही कोई संगीत। काले रंग से बने इस पंडाल में सुनाई देता है तो मां का रुदन। यह पंडाल है श्रीश्री सरस्वती और कालीमाता समिति का, जिसकी थीम में चुनाव के बाद हुई हिंसा को दिखाने की कोशिश की गई है। इस पंडाल की थीम है, मायेदेर कान्ना, रक्तात्त बंगाल यानी मांओं का रुदन और रक्तरंजित बंगाल।

चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा का इंतजाम
दुर्गा पूजा को देखते हुए पुलिस की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस नजर रख रही है। दुर्गा पूजा में लोगों की सुरक्षा के लिए होमगार्ड के 10,000 जवानों समेत कुल 17,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके साथ ही विभिन्न स्थानों पर 400 पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। पीसीआर की 58 गाड़ियों और 41 रैपिड एक्शन फोर्स की टीमों को भी लगाया गया है। कोलकाता के पुलिस आयुक्त विनीत गोयल ने कहा, विजया दशमी और मूर्ति विसर्जन के दौरान भी सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे।

भाजपा कार्यकर्ता अभिजीत को समर्पित
यह पूजा भाजपा के कार्यकर्ता अभिजीत सरकार ने शुरू की थी। 2021 में चुनाव के दौरान उनकी हत्या कर दी गई थी। अब इसे उनके भाई बिस्वजीत संभाल रहे हैं। यह उन लोगों को समर्पित है, जिनकी हत्या चुनाव के दौरान हुई थी। इसके माध्यम से यह दिखाने की कोशिश की गई है कि दुर्गापूजा में हर घर में खुशी है, लेकिन उन घरों में मातम है, जिनके परिवार के सदस्य चुनावी हिंसा में मारे गए।

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