मोदी सरकार के तीन साल के कार्यकाल में कांग्रेस के तीन पूर्व मुख्यमंत्री और एक वर्तमान मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार के आरोप में सीबीआई के शिकंजे में आ चुके हैं। इनके साथ ही तृणमूल कांग्रेस के सात सांसद और विधायक भी शारदा चिट फंड मामले में आरोपी हैं। माना जा रहा है कि इसकी गाज तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी पर भी गिर सकती है।
उधर नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी भी जल्द ही आयकर विभाग के सामने पेश होकर जवाब देंगे। दिल्ली हाईकोर्ट ने इन दोनों की अर्जी खारिज करते हुए आयकर विभाग को जांच जारी रखने का आदेश दिया है।
सीबीआई ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी के खिलाफ जांच पूरी कर चार्जशीट दायर की है। इन पर 6.03 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति का आरोप है। वहीं हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ जमीन घोटाले के दो मामलों की सीबीआई जांच चल रही है। इस सिलसिले में उनसे चार बार पूछताछ की जा चुकी है।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के खिलाफ फ्लोर टेस्ट के लिए बागी विधायकों को रिश्वत की पेशकश करने संबंधी सीडी की सीबीआई जांच चल रही है। इनके अलावा राजस्थान के पूर्व कांग्रेसी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट और वी रवि के खिलाफ एंबुलेंस घोटाले से संबंधित एफआईआर दर्ज कर रखा है। गौरतलब है कि इस मामले में भी पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम का नाम एफआईआर में है।