जंगली भैंसे के जैसे दिखने वाले जानवर गौर ने केरल के कई जिलों जमकर तांडव मचाया। केरल के कोट्टायम और कोल्लम जिले के एरुमेली और आंचल में गौरों के हमले की दो अलग-अलग घटनाओं में शुक्रवार सुबह तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस इसकी जानकारी देते हुए कहा कि सभी मृतक बुजुर्ग थे।
पुलिस के अनुसार, एक गौर ने चाकोचन (70) और थॉमस (71) एरुमेली को कोट्टायम जिले के एरुमेली में रबर के बागान में घुसकर मार डाला। गौर ने करीब आठ बजे हमला कर उनको मौत के घाट उतार दिया। साथ ही गौर के एक अलग हमले में सैमुअल (64) को कोल्लम जिले के पूर्वी हिस्से में स्थित आंचल में निशाना बनाया।
वहीं ऐसी ही घटना से , एक अन्य गौर ने स्थानीय लोगों में उस समय दहशत पैदा कर दी जब वह त्रिशूर जिले में स्थित चलाकुडी के पास एक बस्ती में भटककर आ गया था, हालांकि लोगों ने उसे वहां से निकालने में सफलता पाई। राज्य के मंत्री वी एन वासवन ने कहा कि सरकार तीनों मृतकों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देगी।
वन मंत्री एके ससींद्रन ने बताया कि कोट्टायम के कलेक्टर ने पहले ही मुआवजे की घोषणा कर दी है और इसे जल्द ही कोल्लम में वितरित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। ससींद्रन ने कहा कि मुआवजा परिजनों को सौंप दिया जाएगा। इससे पहले दिन में कोट्टायम जिला कलेक्टर ने मीडिया को बताया कि मुआवजे की पहली किस्त शनिवार को ही परिवार के खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
कलेक्टर ने यह भी कहा कि गौर की स्थिति को संभालने के लिए आने वाले दिनों में रानी से एक रैपिड रिस्पांस टीम एरुमेली में तैनात की जाएगी। स्थानीय निवासियों द्वारा एरुमेली के पास कन्नमला में विरोध करने और घंटों तक व्यस्त एरुमेली-पम्पा सड़क पर यातायात को अवरुद्ध करने के बाद, सरकार ने एरुमेली में पुलिस और अग्निशमन दल को गौर को गोली मारने का अधिकार दिया है, अगर कोई गौर मानव आवासों में जाता है और आक्रामक हो जाता है। जानवर को मारने के लिए सरकारी आदेश है।
इलाके में पुलिस की एक बड़ी टुकड़ी को तैनात किया गया क्योंकि भीड़ वन अधिकारियों के खिलाफ हो गई थी, उन्होंने अपनी ओर से चूक का आरोप लगाया था। हालाँकि, सरकार द्वारा मुआवज़े की घोषणा के बाद विरोध वापस ले लिया गया और फिर जानवर के फिर से मानव आवास में जाने की स्थिति में उसे गोली मारने का फैसला किया गया।