केरल के कोडकारा जिले में इमरात ढहने से तीन प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई है। पुलिस ने बताया कि इमरात 40 साल पुरानी थी और तीनों मजदूर उसी में रह रहे थे। घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों और अग्निशमन एवं बचाव कर्मियों के अनुसार इमारत में 17 प्रवासी श्रमिक रह रहे थे। इनमें से 14 बिना किसी चोट के बच निकले। यह घटना शुक्रवार को सुबह छह बजे हुई और पूरे बचाव अभियान में करीब ढाई घंटे का समय लगा।
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अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि मलबे में फंसे दो लोग सतह के करीब थे, इसलिए उन्हें जल्दी से बचाया जा सका। वहीं तीसरा व्यक्ति के मलबे के नीचे फंसे होने की वजह से बाहर निकालने में अधिक समय लगा। पुलिस ने बताया कि पहले दो लोगों की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई।
श्रम मंत्री ने दिए विस्तृत जांच के आदेश
इसके बाद राज्य के श्रम मंत्री वी शिवनकुट्टी ने श्रम आयुक्त को घटना की विस्तृत जांच करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इसमें यह भी कहा गया कि विभाग श्रमिकों के पार्थिव शरीर को उनके मूल स्थानों पर वापस भेजने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा। इस बीच प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने फेसबुक पोस्ट में घटना को दुखद बताया और उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
इमारत की संरचनात्मक स्थिरता और फिटनेस की जांच की जाएगी
राजस्व अधिकारी ने कहा कि घटना के कारण का पता लगाया जाएगा। इस बात की जांच की जाएगी कि इमारत में संरचनात्मक स्थिरता और फिटनेस संबंधी मंजूरी थी या नहीं। उन्होंने श्रम विभाग के अधिकारियों से पूछा कि इतने सारे श्रमिकों को इमारत में रहने की अनुमति क्यों दी गई।