फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Manipur: ग्राम स्वयंसेवकों और उग्रवादियों के बीच मुठभेड़, तीन लोग घायल; एक की हालत गंभीर

Mon, 12 Jun 2023 08:08 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल

सार

हिंसा प्रभावित इंफाल पूर्व और कांगपोकपी जिलों की सीमा पर खमेनलोक इलाके में सोमवार को ग्राम स्वयंसेवकों और उग्रवादियों के एक समूह के बीच मुठभेड़ हो गई। इसमें तीन लोग घायल हो गए।
विज्ञापन
अंधाधुध फायरिंग - फोटो : अमर उजाला (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मणिपुर में दो समुदायों के बीच जातीय हिंसा अब भी पूरी तरह से थमी नहीं है। इस बीच, हिंसा प्रभावित इंफाल पूर्व और कांगपोकपी जिलों की सीमा पर खमेनलोक इलाके में सोमवार को ग्राम स्वयंसेवकों और उग्रवादियों के एक समूह के बीच मुठभेड़ हो गई। इसमें तीन लोग घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। 

विज्ञापन


तीनों को इंफाल के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि छिटपुट गोलीबारी कुछ देर तक जारी रही और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अतिरिक्त बलों को वहां भेजा गया। पिछले तीन दिनों में हिंसा की कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई है।

इस बीच, सेना के एक अधिकारी ने बताया कि इंफाल पूर्वी जिले के लीतानपोकपी में एक पुल को पिछले महीने शरारती तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने के बाद बल ने सेवा योग्य बना दिया था। अधिकारी ने बताया कि मरम्मत किए गए पुल से लीतानपोकपी, चंपई और पुखाओ फुरजू इलाकों में राहत सामग्री के तेजी से परिवहन की सुविधा मिलेगी।
विज्ञापन


मणिपुर में एक महीने पहले मैतई और कुकी समुदाय के लोगों के बीच जातीय हिंसा में कम से कम 100 लोगों की जान चली गई थी और सैकड़ों अन्य घायल हो गए थे। राज्य में शांति बहाल करने के लिए सेना और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। मणिपुर के 16 में से 11 जिलों में कर्फ्यू जारी है, जबकि पूरे पूर्वोत्तर राज्य में इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं।

पहली बार झड़पें तीन मई को हुई थीं जब पर्वतीय जिलों में अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मैतई समुदाय की मांग के विरोध में 'आदिवासी एकजुटता मार्च' का आयोजन किया गया था। मणिपुर की आबादी में मेइती समुदाय की हिस्सेदारी करीब 53 फीसदी है और वे ज्यादातर इंफाल घाटी में रहते हैं। आदिवासी नगा और कुकी आबादी का 40 फीसदी हिस्सा हैं और पहाड़ी जिलों में रहते हैं।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें