ओडिशा के बालासोर ट्रेन हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। लोगों के दिलों में बस ये ही सवाल था कि इतना बड़ा हादसा कैसे हो गया। हालांकि रेलवे ने इस मामले की जांच के लिए कई टीमें भी गठित की थी साथ ही सीबीआई भी इस मामले की अलग से जांच कर रही है। एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि ट्रिपल ट्रेन दुर्घटना मामले में बहनागा बाजार के स्टेशन मास्टर सहित पांच रेलवे कर्मचारियों की जांच की जा रही है।
अधिकारी ने कहा कि जो कर्मचारी जांच के दायरे में हैं वे वर्तमान में सिग्नलिंग का काम कर रहे वे इस महीने की शुरुआत में दुर्घटना के समय ड्यूटी पर थे। सूत्रों ने कहा कि पांचों कर्मचारी वर्तमान में अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं और भविष्य की कोई भी कमीशन ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) द्वारा तैयार दुर्घटना जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।
रेल मंत्रालय के अधिकारियों ने संदेह जताया कि इंटरलॉकिंग सिस्टम के संभावित मैनुअल से छेड़छाड़ हुई है। इंटरलॉकिंग सिस्टम, जो एक ऑटोमेटेड सिग्नलिंग सिस्टम है, उसमें गड़बड़ी को इस घटना की बड़ी वजह के तौर पर देखा जा रहा है। एक वरिष्ठ रेल अधिकारी ने कहा कि फिलहाल पांच रेलवे कर्मी जांच के केंद्र में हैं। सीआरएस से जल्द ही अंतिम रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है।
सूत्रों ने कहा कि तीन संभावित चीजों को देखकर जांच की जा रही है - क्या सिस्टम से छेड़छाड़ जानबूझकर की गई थी या गलती से या क्षेत्र में चल रहे रखरखाव के काम का परिणाम था। वहीं विपक्षी दलों की कड़ी आलोचना के बीच दो रेल कर्मचारी संघ रेलवे के समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि हम यह देखकर बहुत दुखी हैं कि कैसे इस ट्रेन त्रासदी का राजनीतिकरण किया गया और रेलवे के प्रदर्शन पर सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया में हमले किए जा रहे हैं। इस तरह का प्रत्येक हमला हमारी ईमानदारी और कर्तव्य के प्रति समर्पण का अपमान है।