ताजमहल के तीन स्तरीय सुरक्षा घेरे में दिल्ली से आए तीन युवकों ने सेंध लगा दी। यलो जोन में पुलिस सोती रही और शराब के नशे में धुत युवक पश्चिमी गेट की दीवार फलांग गए। ताज के वॉच टावर-1 पर तैनात सीआईएसएफ जवान ने तीनों युवकों को क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) की मदद से पकड़ लिया। रात दो बजे तक पूछताछ के बाद उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया। दोपहर में सीजेएम कोर्ट में पेशी के बाद तीनों युवकों को जमानत पर रिहा कर दिया।
दिल्ली से गौरव पुत्र हरवीर सिंह, अनिल कुमार पुत्र फिरे सिंह और विकास भारद्वाज पुत्र राजेंद्र भारद्वाज गुरुवार को बुढ़ाना गांव में जयपाल के घर शादी में आए। रात 10:40 बजे वह पश्चिमी गेट पहुंचे और ताज देखने की जिद में शेड पर चढ़कर दीवार फलांग गए। रेड जोन की सुरक्षा संभाल रहे सीआईएसएफ के वॉच टावर नंबर 1 पर तैनात जवान रामवीर सिंह ने तीनों को रोका और क्यूआरटी बुला दी।
किसी आतंकी खतरे की आहट भांपते हुए सीआईएसएफ ने तीनों को पकड़कर पूछताछ की। रात में ही कमांडेंट सुधीर कुमार ने पूछताछ की। पता चला कि विकास डीटीसी में कंडक्टर है। अनिल का दूध का कारोबार है और गौरव परास्नातक का छात्र है। तीनों युवकों ने बताया कि वह केवल ताज देखने चाहते थे। किसी ने उनसे कहा कि गेट बंद है तो दीवार फांदकर चले जाओ। शराब के नशे में होने के कारण वह घुस गए।
रात दो बजे उन्हें ताजगंज पुलिस के हवाले किया गया। उन पर धारा 448, 297 लगाकर शुक्रवार दोपहर पुलिस ने स्पेशल सीजेएम निहारिका चौहान की कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने तीनों को 20-20 हजार रुपये के दो जमानती और इतनी ही राशि के निजी मुचलके पर रिहा कर दिया। सीआईएसएफ कमांडेंट सुधीर कुमार के मुताबिक, रात में तीनों युवकों से पूछताछ की गई। तीनों ने माना कि उन्हें ताज के नियमों, संवेदनशीलता और कड़ी सुरक्षा की जानकारी नहीं थी।
भारी पड़ सकती है ऐसी चूक
तीनों युवक पश्चिमी गेट बैरियर पार करके रात 10:40 बजे ताजमहल पश्चिमी गेट पर घूमते हुए पहुंचे। पश्चिमी गेट पर आरके स्टूडियो और नीम तिराहा दोनों ही जगहों पर ताज सुरक्षा पुलिस की तैनाती है। शेड पर चढ़कर तीनों युवक दीवार फलांग गए, लेकिन पुलिसकर्मियों को नजर ही नहीं आए। अगर इन युवकों की जगह हथियारों से लैस आतंकी होते तो यलो जोन में तैनात पुलिस क्या करती, यह सवाल पूरे दिन ताजगंज के स्थानीय निवासी उठाते रहे। स्थानीय लोगों को सुरक्षा के नाम पर परेशान करने वाले पुलिसकर्मी कुछ न कर सके।