पश्चिम बंगाल के बर्दवान जिले में 2014 में हुए धमाके के तीन आरोपियों ने यहां एक विशेष एनआईए अदालत के समक्ष अपना अपराध स्वीकार करने को लेकर अर्जी दाखिल की है। आरोपियों के वकील मोहम्मद शाजान हुसैन ने गुरुवार को यहां बताया कि अदालत में 8 सितंबर को मामले की सुनवाई की जाएगी।
यह अर्जी इस मामले के अभियुक्तों मोहम्मद यूसुफ, जहीर-उल-शेख और जिया-उल-हक ने दाखिल की है। बर्दवान जिले के खागरागढ़ में एक किराए के मकान में संदिग्ध आतंकवादी दो अक्तूबर 2014 को बम और विस्फोटक बना रहे थे। इस दौरान हुए धमाके में उनमें से दो की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया था।
जांच में पता चला कि उनके संबंध आतंकवादी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) से थे। शुरू में इस मामले की जांच पश्चिम बंगाल सीआईडी ने की और फिर कुछ दिनों के बाद इसे एनआईए को सौंप दिया गया। इस मामले में नामजद 31 लोगों में से 24 ने 2019 में दो अलग-अलग मौकों पर अपना अपराध स्वीकार कर लिया था।
इन्हें एनआईए की विशेष अदालत ने पांच से 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में एनआईए ने मार्च, 2015 में प्राथमिक आरोपपत्र दायर किया था। आरोपपत्र में कहा गया कि प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जेबीएम हिंसक आतंकवादी गतिविधियों के जरिये बांग्लादेश की मौजूदा सरकार को सत्ता से हटाने की साजिश रच रहा था।