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RG Kar Case: न्याय की मांग लेकर हजारों लोगों ने निकाला मार्च, राष्ट्रपति कार्यालय ने परिवार की अपील स्वीकार की

Fri, 15 Aug 2025 12:27 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

पश्चिम बंगाल के कोलकाता में सरकारी आरजी कर अस्पताल में पिछले साल 9 अगस्त को महिला डॉक्टर दुष्कर्म और हत्या का शिकार हुई थी। डॉक्टर को न्याय की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को हजारों लोगों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। वहीं, पीड़िता के पिता का कहना है कि राष्ट्रपति कार्यालय ने परिवार की अपील को स्वीकार कर लिया है। 
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आरजी कर मामला (फाइल) - फोटो : ANI
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विस्तार
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पिछले साल 9 अगस्त को सरकारी आरजी कर अस्पताल में दुष्कर्म और हत्या की शिकार हुई महिला डॉक्टर के लिए न्याय की मांग को लेकर हजारों लोग पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या में शामिल सभी आयु वर्ग की महिलाओं ने महिला डॉक्टर के लिए न्याय की मांग की। वहीं, राष्ट्रपति कार्यालय ने महिला डॉक्टर के परिवार की अपील को स्वीकार कर लिया है। पीड़िता के पिता ने बृहस्पतिवार को बताया कि परिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यालय से एक ईमेल मिला है, जिसमें न्याय के लिए उनकी बार-बार की गई अपील को स्वीकार कर लिया गया है। 

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प्रदर्शनकारी 8बी बस स्टैंड जादवपुर, रूबी मोड़, सिंथी मोड़, ललित कला अकादमी, सियालदह, हाजरा मोड़, बैसनभघाटा के साथ-साथ उत्तर 24 परगना के सोदपुर ट्रैफिक मोड़ और बारासात में एकत्र हुए। लोगों ने रातभर मशालें और मोबाइल की फ्लैशलाइटें जलाईं। रिमझिम सिन्हा, जिन्होंने एक साल पहले 14 अगस्त को 'वीमेन रिक्लेम द नाइट' अभियान का नेतृत्व किया था, ने कहा एक सरकारी अस्पताल में हमारी बहन पर हुए क्रूर हमले को एक साल से ज्यादा समय बीत चुका है। लेकिन मामले में एक को छोड़कर किसी और की गिरफ्तारी या दोषसिद्धि नहीं हुई है। इस अपराध के पीछे की बड़ी साज़िश का पर्दाफाश अभी तक राज्य पुलिस या सीबीआई द्वारा नहीं किया जा सका है। हम हर महिला की सुरक्षा की मांग को लेकर सड़कों पर हैं ताकि अब किसी के साथ दुष्कर्म, छेड़छाड़ या उत्पीड़न न हो।

जादवपुर रैली में शामिल हुईं तमन्ना खातून की मां
जादवपुर रैली में 13 वर्षीय तमन्ना खातून की मां भी मौजूद थीं। तमन्ना खातून 24 जून को उपचुनाव में पार्टी की जीत के बाद नादिया के कालीगंज इलाके में कथित तौर पर टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए बम विस्फोट में मारी गई थीं। उन्होंने कहा, 'मैं आरजी कर पीड़िता की मां के साथ खड़ी हूं। मेरी बेटी का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं था, फिर भी उसे मार दिया गया। एफआईआर में नामजद कई लोग अभी भी आजाद हैं। हम अपनी उन सभी बेटियों के लिए न्याय की मांग करते हैं, जिन्होंने ऐसी क्रूरता का सामना किया है।'
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कलाकार-छात्रों ने नुक्कड़ नाटक के जरिये जताया विरोध
ललित कला अकादमी के सामने स्थित रणछया मंच पर, कलाकारों और छात्रों ने महिलाओं के खिलाफ हिंसा को दर्शाते हुए प्रतीकात्मक सड़क भित्तिचित्र बनाए। आयोजकों द्वारा 'शांतिपूर्ण जन आंदोलन' कहे जाने वाले इस आंदोलन के तहत कविता, गीत और नुक्कड़ नाटक सहित सांस्कृतिक कार्यक्रम रात भर जारी रहे। मंच की सदस्य और लेखिका-सामाजिक कार्यकर्ता शताब्दी दास ने कहा, 'हम अपने शांतिपूर्ण जन आंदोलन में सुबह 4 बजे तक नुक्कड़ नाटक करेंगे, गीत गाएंगे और कविताएं सुनाएंगे।'

अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर उठानी होगी आवाज: बंद्योपाध्याय
सिंथिर मोड़ पर वरिष्ठ अभिनेता परन बंद्योपाध्याय ने कहा कि समय आ गया है कि जब लोगों को अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। आरजी कर की घटना ने हमारी अंतरात्मा को झकझोर दिया है। हमें ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए इस अभियान को जारी रखना होगा। हमें उन सभी अपराधियों की पहचान करनी होगी जो महिलाओं के खिलाफ अत्याचार करते हैं। शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों का ऐसा ही जमावड़ा कई अन्य इलाकों में भी हुआ। वीआईपी रोड केस्तोपुर से लेकर बारासात कॉलोनी मोड़, सोदपुर ट्रैफिक मोड़ और राज्य के अन्य स्थानों पर भी लोगों ने प्रदर्शन किया। 

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परिवार को राष्ट्रपति कार्यालय से मिला जवाब
महिला डॉक्टर का परिवार सांविधानिक अधिकारियों को पत्र लिखकर जांच में हस्तक्षेप और कानूनी प्रक्रिया के दौरान सहयोग की मांग कर रहा है। पीड़िता के पिता ने बताया कि कई ईमेल के बाद, हमें बृहस्पतिवार शाम राष्ट्रपति कार्यालय से जवाब मिला। उन्होंने हमें सूचित किया है कि सचिव हमसे संपर्क करेंगे और हमारी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करेंगे। डॉक्टर के लिए न्याय की मांग को लेकर 14 अगस्त को आहूत 'रिक्लेम द नाइट' आंदोलन के बारे में पिता ने कहा कि पीड़िता की मां अस्वस्थ हैं और बड़े जनसमूह में शामिल होने में असमर्थ हैं।

मार्च के दौरान पीड़िता की मां के सिर में लगी थी चोट
आरजी कर अस्पताल में हुए अपराध की पहली बरसी 9 अगस्त को राज्य सचिवालय नबन्ना तक मार्च के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई में मां के सिर में चोट लग गई थी। पिता ने कहा, 'हम प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए अपने घर के पास एक रैली में हिस्सा लेंगे।' परिवार मामले की जांच में लापरवाही का आरोप लगा रहा है और अधिकारियों से निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने का आग्रह कर रहा है।

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