कांग्रेस अध्यक्ष पद के उम्मीदवार शशि थरूर ने मंगलवार को दावा किया कि कई मतदाताओं को उनके नेताओं ने उनके प्रतिद्वंद्वी का समर्थन करने का निर्देश दिया है, लेकिन वे गुप्त मतदान में उन्हें वोट दे सकते हैं। मल्लिकार्जुन खड़गे, थरूर के खिलाफ खड़े है, जिन्हें गांधी परिवार से उनकी निकटता के कारण पार्टी के शीर्ष पद के लिए पसंदीदा के रूप में देखा जा रहा है। पीटीआई के साथ एक साक्षात्कार में थरूर ने यह भी कहा कि उन्हें यकीन है कि जो लोग एकतरफा जीत की उम्मीद कर रहे हैं, जैसा कि 1997 और 2000 के चुनावों में हुआ था, वोटों की गिनती के समय हैरत में पड़ सकते हैं।
थरूर बोले, वोटिंग गुप्त मतदान से होगी
तिरुवनंतपुरम के सांसद ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण (सीईए) सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करेगा कि मतदान एक गुप्त मतदान द्वारा किया जाएगा, जिसमें उम्मीदवारों और उनके एजेंटों के सामने दिल्ली में सीलबंद मतपेटियों को खोला जाएगा। ये पूछे जाने पर कि क्या कुछ नेता जो वरिष्ठ नेताओं को परेशान करने के डर से उनके समर्थन में आवाज नहीं उठा रहे हैं, थरूर ने कहा कि वे गुप्त मतदान में मुझे वोट दे सकते हैं। साथ ही कहा कि मैं निश्चित रूप से जानता हूं कि कई लोग जिन्होंने इस तरह के कारणों से अब तक खुले तौर पर मेरा समर्थन नहीं किया है, मेरे कुछ अभियान कार्यक्रमों में भी शामिल नहीं हुए, लेकिन निजी तौर पर समर्थन जताया है।
कुछ नेताओं को मेरे प्रतिद्वंदी का समर्थन करने का निर्देश दिया गया
थरूर ने कहा कि पार्टी में उनके कुछ 'नेताओं' ने उन्हें मेरे प्रतिद्वंद्वी का समर्थन करने का निर्देश दिया है और उन्हें लगता है कि वे इन 'नेताओं' को खुले तौर पर चुनौती नहीं दे सकते। ऐसे कई लोग अंततः मेरे पक्ष में अपना वोट डालने का विकल्प चुन सकते हैं। 66 वर्षीय कांग्रेस नेता ने कहा कि कई प्रतिनिधियों ने निजी तौर पर इस तरह की भावनाएं जताई हैं और उन्हें मेरे पास नहीं आने का कोई कारण नहीं दिखता है, खासकर जब मतदान गुप्त मतदान द्वारा किया जाएगा, जो दिल्ली में खोले जाने वाले सीलबंद मतपेटियों के साथ पूरा होगा।
कई लोगों को राजनीतिक प्रतिशोध का है डर
थरूर ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि सीईए आने वाले दिनों में यह सब सार्वजनिक रूप से स्पष्ट कर देगा। तथ्य यह है कि यह एक गुप्त मतदान है। कई लोगों को डर है कि उनके राजनीतिक आका यह पता लगा लेंगे कि उन्होंने किसे वोट दिया। आलाकमान ने मुझे आश्वासन दिया है कि दौड़ में कोई आधिकारिक उम्मीदवार नहीं है। ऐसे में हमारे सहयोगियों को मुझे वोट देने पर प्रतिशोध का डर क्यों होना चाहिए। यह पूछे जाने पर कि क्या यह 1983 के क्रिकेट विश्व कप की तरह चुनावों में अंडरडॉग की जीत की तरह होगा, उन्होंने कहा कि उन्हें यकीन है कि जो लोग इस चुनाव में सत्ता के लिए एकतरफा जीत की उम्मीद कर रहे हैं, जैसा कि 1997 और 2000 में पिछले दो मौकों पर हुआ था, 19 अक्टूबर को वोटों की गिनती होने पर आश्चर्य में पड़ सकते हैं।