नागरिकता कानून पर मचे बवाल के बीच सूत्रों के हवाले से ये जानकारी आ रही है कि जो कोई भी 1987 से पहले जन्मा है वो स्वत: ही भारतीय नागरिक माना जाएगा। कानून के मुताबिक ऐसे लोगों को नागरिकता कानून और एनआरसी को लेकर कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है। सरकार के एक उच्च अधिकारी ने यह जानकारी दी है।
2004 के नागरिकता संशोधन कानून के मुताबिक देश के नागरिक, जिनके एक अभिभावक हैं और अवैध अप्रवासी नहीं है तो उसे भारतीय नागरिक माना जाता है।
नागरिकता कानून पर चल रहे विवाद और विरोध प्रदर्शनों के बीच सोशल मीडिया पर इसे लेकर तमाम गलत खबरें भी चल रही हैं। अधिकारी ने कहा कि जो कोई भी व्यक्ति भारत में 1987 से पहले जन्मा है, कानून के मुताबिक उसे स्वत: ही भारत का नागरिक माना जाएगा। असम के मामले में कट ऑफ डेट 1971 है।