देश के किसानों ने दाल की किल्लत दूर करने का बीड़ा उठा लिया है। दलहन की बुआई में बंपर उछाल आया है। यदि किसानों की मेहनत रंग लाई तो भारत को मोजांबिक सरीखे देशों से दाल नहीं खरीदना पड़ेगा। बल्कि दाल की तरफ जिस तरीके से किसानों का रुझान बढ़ा है उससे अनुमान लगाया जा रहा है कि उत्पादन की भरपाई अपने ही किसान कर देंगे।
खरीफ फसलों की बुआई को लेकर केंद्र सरकार ने शुक्रवार को जो ताजे आंकड़ें जारी किए हैं, उनके मुताबिक दाल की बुआई में बंपर उछाल है। खास तौर से पंजाब और हरियाणा के किसानों ने कपास के बदले दाल की खेती पर जोर दिया है।
कृषि मंत्रालय के अनुसार पिछले वर्ष इस वक्त महज 64.69 लाख हेक्टेयर खेत में दलहन की बुआई हुई थी। लेकिन इस वर्ष दालों की बुआई 90.17 लाख हेक्टेयर पहुंच गई है।