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पिछले साल की तुलना में दलहन की बुआई में बंपर उछाल

Sat, 23 Jul 2016 05:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो,नई दिल्ली
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किसान - फोटो : ghjlk
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 देश के किसानों ने दाल की किल्लत दूर करने का बीड़ा उठा लिया है। दलहन की बुआई में बंपर उछाल आया है। यदि किसानों की मेहनत रंग लाई तो भारत को मोजांबिक सरीखे देशों से दाल नहीं खरीदना पड़ेगा। बल्कि दाल की तरफ जिस तरीके से किसानों का रुझान बढ़ा है उससे अनुमान लगाया जा रहा है कि उत्पादन की भरपाई अपने ही किसान कर देंगे। 
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खरीफ फसलों की बुआई को लेकर केंद्र सरकार ने शुक्रवार को जो ताजे आंकड़ें जारी किए हैं, उनके मुताबिक दाल की बुआई में बंपर उछाल है। खास तौर से पंजाब और हरियाणा के किसानों ने कपास के बदले दाल की खेती पर जोर दिया है। 

कृषि मंत्रालय के अनुसार पिछले वर्ष इस वक्त महज 64.69 लाख हेक्टेयर खेत में दलहन की बुआई हुई थी। लेकिन इस वर्ष दालों की बुआई 90.17 लाख हेक्टेयर पहुंच गई है। 
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देश में दलहन की बुआई का रकबा 108.69 लाख हेक्टेयर ही

दाल उगात किसान
जबकि देश में दलहन की बुआई का रकबा 108.69 लाख हेक्टेयर ही है। इस सप्ताह तक देश में दलहन की सामान्य बुआई 60.43 लाख हेक्टेयर भूमि पर होती थी। मगर इस दफे सामान्य बुआई से 29.74 लाख हेक्टेयर तो पिछले वर्ष की तुलना में 25.48 लाख हेक्टेयर भूमि पर दाल की बुआई ज्यादा है।

दाल की बढ़ी बुआई के लिए केंद्र सरकार के प्रयासों का असर माना जा रहा है। केंद्र ने दाल के न्यूनतम समर्थन मूल्य में खासी वृद्धि की है। दलहन बीज के पैकेट भी सरकार राज्यों के जरिये मुफ्त में बंटवाए हैं।

हालांकि पंजाब और हरियाणा में किसानों ने कपास के बजाय दलहन बुआई की ओर अपना झुकाव बढ़ाया है। हरियाणा ने बीते वर्ष के 0.200 लाख हेक्टेयर की अपेक्षा 0.480 लाख हेक्टेयर खेत पर दलहन की बुआई की है तो पंजाब में बीते साल 0.120 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के बदले इस वर्ष 0.130 लाख हेक्टेयर खेत पर दलहन की बुआई हुई है। 
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