कांग्रेस नेता एवं पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों को लेकर जश्न मनाने का शनिवार को मजाक उड़ाया। चिदंबरम ने एक के बाद एक ट्वीट करते हुए कहा कि जैसा अनुमान था, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर पहली तिमाही की तुलना में एक प्रतिशत कम रही।
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले साल पहली तिमाही के आंकड़े काफी कमतर आधार पर थे। यह वृद्धि दर में किसी उछाल का संकेत नहीं देता है और इसमें भाजपा के लिये जश्न मनाने जैसा कुछ नहीं है।’’ चिदंबरम ने कहा, अनुमान है कि अक्टूबर-दिसंबर की तीसरी तिमाही और जनवरी-मार्च की चौथी तिमाही में इसी तरह की वृद्धि रहेगी बशर्ते कि अचानक कोई झटका न लग जाये। उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय अर्थव्यवस्था के लिये सात प्रतिशत वृद्धि दर नया सामान्य स्तर है और 2018-19 भी एक सामान्य साल होने वाला है।’’
उल्लेखनीय है कि जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान देश की जीडीपी वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रही जो कि पिछली तीन तिमाहियों में सबसे कम है। हालांकि भारत अब भी वृद्धि दर के मामले में चीन से आगे बना हुआ है।
चिदंबरम ने कहा कि आज पहले से कहीं ज्यादा बड़ी कंपनियां बैंक दिवालिया हैं जो पहले नहीं थीं। पहले से कहीं अधिक परियोजनाएं लटकी हुई हैं। अधिक बैंक खाते पहले से कहीं ज्यादा एनपीए वाले हो गए हैं। पी चिदंबरम ने आगे कहा कि अधिक बैंकों को पहले से कहीं ज्यादा उधार देने से रोक दिया गया है। हर जगह संकट बना हुआ है।