फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खतरा: दुनिया भर में कोरोना की तीसरी लहर, भारत के पास अभी भी संभलने का वक्त

Wed, 14 Jul 2021 06:29 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

  • रोजाना मिल रहे कोरोना मरीजों में 30.3 फीसदी अकेले केरल से हैं। जबकि 20.8 फीसदी महाराष्ट्र में मिल रहे हैं।
  • तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा से 8.5, 7.3 और 6.5 फीसदी मामले राष्ट्रीय स्तर पर रोजाना जुड़ रहे हैं। 
विज्ञापन
कोरोना की तीसरी लहर पर बात करते डॉ. वीके पॉल - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल का कहना है कि दुनिया भर में कोरोना की तीसरी लहर बढ़ी है। अब तक एक दिन में औसतन तीन लाख मामले सामने आ रहे थे जो बढ़कर नौ लाख से अधिक हो चुके हैं।

विज्ञापन


पुरानी लहर की तुलना में कोरोना के करीब 40 फीसदी मामले बढ़ चुके हैं। भारत के पास अभी भी वक्त है। हम चाहें तो यह स्थिति नहीं आएगी। लोग अगर नियमों का पालन करते हैं तो अगली लहर देश में नहीं आएगी। 

मंगलवार को डॉ. पॉल ने कहा कि इस वक्त हर कोई अगली या तीसरी लहर की चर्चा कर रहा है लेकिन अभी इस पर कोई चर्चा नहीं कर रहा है कि यह लहर आएगी क्यों? अगर देश का हर व्यक्ति नियमों का पालन करेगा तो हम आगामी लहर को नहीं आने देंगे।
विज्ञापन


उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हवाला देते हुए बताया कि पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में पीएम ने काफी स्पष्ट संदेश दिए हैं। पीएम ने कहा है कि देश में अगली लहर आने का इंतजार नहीं किया जा सकता है। इस लहर को आने नहीं देना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि तीसरी लहर कब आएगी की जगह इस लहर को कैसे रोका जाए? इस पर चर्चा होनी चाहिए। डॉ. पॉल ने यहां तक कहा है कि सतर्कता, सावधानी और सजगता का पीएम ने संदेश दिया है।

उन्होंने यहां तक कहा है कि आज की स्थिति में असावधानी भारी उछाल ला सकती है। इसे रोकना बहुत जरूरी है। दो गज की दूरी, मास्क और टीकाकरण कोरोना को रोकने के लिए काफी हैं। इन शस्त्रों के जरिए महामारी को फिर से आने से रोका जा सकता है।

लहर आने से पहले घूमना चाहते हैं लोग
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव कुमार अग्रवाल ने कहा कि कोरोना महामारी में भी लोग तरह तरह के बहाने निकाल रहे हैं। बहुत लोगों को लगता है कि अगली लहर आने से पहले वे घूम कर वापस आ जाएं। कई लोग कहते हैं कि दो साल से घर में है और अब घर जेल जैसा लगने लगा है।

इस तरह की बातें करते समय वे भूल रहे हैं कि कोरोना का असर अस्पतालों के आईसीयू तक का रास्ता है। अगर उस स्थिति से बचना है तो लोगों को सावधानी रखनी होगी। अन्यथा वह न सिर्फ खुद बल्कि औरों के लिए महामारी का स्रोत बन सकते हैं।

अभी इन पांच राज्यों में सबसे ज्यादा कोरोना
संयुक्त सचिव ने बताया कि सात पूर्वोत्तर सहित 11 राज्यों में अब तक केंद्र सरकार की ओर से उच्च स्तरीय समितियों को भेजा जा चुका है। वर्तमान स्थिति देखें तो देश के पांच राज्यों में सबसे ज्यादा कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं।

रोजाना मिल रहे कोरोना मरीजों में 30.3 फीसदी अकेले केरल से हैं। जबकि 20.8 फीसदी महाराष्ट्र में मिल रहे हैं। इसी तरह तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा से क्त्रस्मश: 8.5, 7.3 और 6.5 फीसदी मामले राष्ट्रीय स्तर पर रोजाना जुड़ रहे हैं। 

तीसरी लहर का आतंक
ब्रिटेन में अभी कोरोना की तीसरी लहर आ चुकी है। वहां दूसरी लहर में प्रतिदिन 59 हजार के आसपास मामले मिल रहे थे। जबकि अभी तीसरी लहर की शुरुआत में ही 34 हजार से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। बांग्लादेश में पहले सात हजार मामले मिल रहे थे लेकिन अब 13 हजार से अधिक मामले हर दिन मिल रहे हैं।

इसी तरह इंडोनेशिया में 12 से बढ़कर 40 हजार से अधिक मामले रोजाना मिल रहे हैं। इससे पता चल रहा है कि कोरोना की अगली लहर काफी गंभीर है। भारत में यह आंकड़ा और भी बड़ा हो सकता है क्योंकि दूसरी लहर के दौरान यहां कोरोना का पीक चार लाख संक्रमित मरीजों तक पहुंचा था जोकि प्रतिदिन मिल रहे थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें