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राजस्थान की राजनीति की कुछ अहम बातें जिसका आपको जानना बेहद जरूरी

Fri, 12 Oct 2018 06:58 PM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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राजस्थान में 7 दिसंबर को 200 विधानसभा सीटों पर चुनाव होने हैं ऐसे में इस ऐतिहासिक राज्य की राजनीति के बारे में कुछ बातें जानना बेहद जरूरी हैं। 

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राजस्थान का गठन 30 मार्च 1949 को भारत के सातवें राज्य के रूप में हुआ था। इस राज्य में 33 जिले और 200 विधानसभा सीटें हैं। 

बात करें राजनीति कि तो हीरालाल शास्त्री राजस्थान के पहले मुख्यमंत्री थे। वे एक स्वतंत्रता सेनानी के साथ ही दीन-दलितों की सेवा में अपना जीवन समर्पित करना चाहते थे। 

राजस्थान में अब तक 14 मुख्यमंत्री हुए हैं, जिनमें मोहन लाल सुखाड़िया सबसे ज्यादा बार मुख्यमंत्री बने। सुखाड़िया चार बार राजस्थान की सत्ता की कुर्सी पर काबिज हुए।
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राजस्थान में अब तक चार बार राष्ट्रपति शासन लगा है। पहली बार 13 मार्च 1967, दूसरी बार 29 अगस्त 1973, तीसरी बार 16 मार्च 1980 और चौथी बार 15 दिसंबर 1992। 

राजस्थान की सत्ता पर कांग्रेस ने 18 साल लगातार राज किया। साल 1977 में भैंरोसिंह शेखावत राजस्थान के पहले गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री बने। उस वक्त भारतीय जनता पार्टी का नाम जनता पार्टी हुआ करता था।

1980 में भैंरोसिंह शेखावत के इस्तीफे के बाद एक बार फिर कांग्रेस सत्ता में आई और दस साल तक के लिए अपनी सीट पक्की कर ली लेकिन एक बार फिर भाजपाई भैंरोसिंह शेखावत कांग्रेस का तिलिस्म तोड़ने में कामयाब रहे और 4 मार्च 1990 को राजस्थान के दोबारा मुख्यमंत्री बनें। तब से लेकर आज तक सत्ता की पारी एक बार कांग्रेस तो दूसरी बार भाजपा के हाथों आती रही है। 
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वसुंधरा राजे राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री हैं वे अब तक दो बार मुख्यमंत्री बन चुकी हैं। पहली बार 8 दिसंबर 2003 को और दूसरी बार 13 दिसंबर 2013 को। राजे मौजूदा समय में राज्य की मुख्यमंत्री हैं।

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