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Cash-For-Query: महुआ मोइत्रा का संसदीय खाता 47-बार दुबई से हुआ लॉग-इन! कल समिति के सामने पेश होंगी TMC सांसद

Wed, 01 Nov 2023 05:42 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Cash-For-Query: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा को कल संसदीय समिति के समक्ष पेश होना है। उससे एक दिन पहले मामले से जुड़े सूत्रों ने दावा किया है कि उनके संसदीय खाते से करीब 47 लॉग-इन दुबई से किए गए। 
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महुआ मोइत्रा - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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लोकसभा की आचार समिति भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के 'पैसे के बदले सवाल' वाले आरोप की जांच कर रही है। समिति के समक्ष कल तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा को पेश होना है। उससे एक दिन पहले मामले से जुड़े सूत्रों ने दावा किया है कि उनके संसदीय खाते से करीब 47 लॉग-इन दुबई से किए गए। 

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उन्होंने मोइत्रा पर आरोप लगाया है कि उन्होंने दुबई के एक जाने-माने व्यापारिक परिवार (बिजनेस फैमिली) के वंशज कारोबारी दर्शन हीरानंदी के इशारे पर सवाल (जो उनके संसदीय खाते से दर्ज किए गए थे) पूछने का आरोप लगाया है। 

मोइत्रा ने माना है कि उन्होंने हीरानंदानी के साथ अपने लॉग-इन क्रेडेंशियल्स साझा किए हैं, जिन्हें उन्होंने लंबे से एक करीब दोस्त के रूप में बताया है, लेकिन इस बात से इनकार किया है कि उन्हें इसके लिए उनसे धन मिला था। टीएमसी सांसद ने जोर देकर कहा है कि (संसद में पूछे गए) सवाल हमेशा उनके खुद के ही थे।   

निशिकांत दुबे ने उन पर एक बाहरी व्यक्ति के साथ अपने संसदीय पोर्टल के लॉग-इन और पासवर्ड साझा करके राष्ट्रीय हित से समझौता करने का आरोप लगाया है और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है और इसके लिए उन्होंने विवरण को गोपनीय रखने के लिए सांसदों के द्वारा हस्ताक्षरित समझौते का हवाला दिया है। 

झारखंड के गोड्डा से तीन बार के सांसद दुब ने बुधवार को मीडिया में आई उन खबरों का जिक्र किया जिनमें कहा गया था कि दुबई में हीरानंदानी के यहां से 47 बार उनका उनका लॉग-इन हुआ और संसद में इतने ही सवाल पूछे गए। 
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दुबे ने एक्स पर कहा, अगर ये खबर सच है तो देश के सभी सांसदों को महुआ के भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़ा होना चाहिए। हारानंदानी ने लोकसभा में हीरानंदानी के लिए सवाल पूछे। क्या हम पूंजीपतियों के स्वारथी हितों को बढ़ावा देने के लिए सांसद हैं। आचार समिति ने मामले की जांच के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से मदद ली है और माना जा रहा है कि उसे अपने सवालों के जवाब उनसे मिले हैं। 
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