इस अवसर पर बंधुआ मुक्ति के लिए कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया गया। उपस्थित सैकड़ों लोगों ने यह प्रण लिया कि स्वामी अग्निवेश के अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा और उनके आदर्शों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
स्वामी अग्निवेश की चतुर्थ पुण्यतिथि (11 सितंबर) पर दिल्ली में एक स्मृति सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में लोगों को संबोधित करते हुए सर्वधर्म संसद के अध्यक्ष गोस्वामी सुशील जी महाराज ने कहा कि स्वामी अग्निवेश सच्चे अर्थों में महामानव थे। वे सही मायनों में एक संत थे जिसकी आज दुनिया को सबसे अधिक आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्वामी अग्निवेश के नेतृत्व में ही सर्वधर्म संसद की स्थापना हुई थी। उन्होंने कहा कि वे सच्चे अर्थों में संत थे और हमें उनके अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाना चाहिए।
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विरजानंद जी ने कहा कि स्वामी अग्निवेश ने वह कार्य करके दिखाया जिसकी लोग कल्पना भी नहीं करते थे। बंधुआ लोगों की मुक्ति के लिए किया गया उनका कार्य देश के इतिहास में सदैव याद किया जाएगा। आचार्य विद्या प्रसाद मिश्र ने कहा कि वे अद्भुत साहसी थे। बेटी बचाओ अभियान की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम आर्या ने कहा कि उनका जीवन अपने आप में एक आंदोलन था। वे महिलाओं के कल्याण के लिए सदैव कार्य करते थे। एमडी थॉमस ने कहा कि स्वामी अग्निवेश के साथ किए गए कार्य उनके जीवन की अनमोल पूंजी हैं।
इस अवसर पर बंधुआ मुक्ति के लिए कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया गया। उपस्थित सैकड़ों लोगों ने यह प्रण लिया कि स्वामी अग्निवेश के अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा और उनके आदर्शों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जाएगा। लोगों ने यह माना कि आज के माहौल में जिस तरह आपसी कटुता बढ़ रही है, स्वामी अग्निवेश जैसे लोगों की अधिक आवश्यकता है जो लोगों को शांति के साथ रहना सिखा सकें।