विदेश मंत्रालय (सांकेतिक तस्वीर)
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बातचीत और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत और पाकिस्तान के बीच जंग को समाप्त करने का श्रेय लेने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, कि अपनी पिछली ब्रीफिंग में मैंने इस पर बात की थी। मेरे पास कहने के लिए और कुछ नहीं है। आप हमारी स्थिति से अच्छी तरह वाकिफ हैं कि भारत-पाकिस्तान के बीच कोई भी जुड़ाव द्विपक्षीय होना चाहिए। बातचीत और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते। आतंकवाद के मामले में हम उन कुख्यात आतंकवादियों को भारत को सौंपने पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं जिनकी सूची कुछ साल पहले पाकिस्तान को दी गई थी।
उन्होंने कहा कि मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि जम्मू और कश्मीर पर कोई भी द्विपक्षीय चर्चा केवल पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय क्षेत्र को खाली करने पर होगी। सिंधु जल संधि भी तब तक स्थगित रहेगी जब तक कि पाकिस्तान विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से सीमा पार आतंकवाद के लिए अपने समर्थन को त्याग नहीं देता। जैसा कि हमारे प्रधान मंत्री ने कहा है कि पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हमने डीजीएमओ के माध्यम से पाकिस्तान को बताया कि हमने ऑपरेशन सिंदूर के तहत जवाब देने के अपने अधिकार का प्रयोग किया था, इसलिए हमने घटना के बाद उन्हें (हमले के बारे में) बताया।
भारत में बांग्लादेश के 2369 अवैध अप्रवासी
भारत में लंबे समय से अवैध प्रवासी रह रहे हैं। इसमें से बांग्लादेश के 2369 से अधिक अवैध प्रवासियों को निर्वासित किया जाना है। इसके लिए हमने बांग्लादेश से उनके सत्यापन और उनको वापस लेने के लिए कहा है। इसमें कई प्रवासी ऐसे हैं जिन्होंने अपनी सजा पूरी कर ली है। जबकि कई का 2020 से सत्यापन लंबित है। बांग्लादेश इस पर जल्द कार्रवाई करे।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल।
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चीन को दिया था कड़ा जवाब
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमारे एनएसए और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 10 मई 2025 को एक-दूसरे से बात की थी। एनएसए ने पाकिस्तान से उत्पन्न सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ रुख से अवगत कराया था। चीनी पक्ष अच्छी तरह से जानता है कि आपसी विश्वास, आपसी सम्मान और आपसी संवेदनशीलता भारत-चीन संबंधों का आधार बने हुए हैं।
ठीक नहीं थीं पाकिस्तान उच्चायोग के कर्मचारियों की गतिविधियां
पाकिस्तान उच्चायोग के दो कर्मचारियों को अवांछित व्यक्ति घोषित किए जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान उच्चायोग के कर्मचारी ऐसी गतिविधियां कर रहे हैं जो उनकी आधिकारिक स्थिति के अनुरूप नहीं हैं और इसी कारण से उन्हें भारत छोड़ने के लिए कहा गया है। एक कर्मचारी भारत छोड़ चुका है, जबकि दूसरे को कल भारत छोड़ने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया था।
राजनयिकों की सुरक्षा सर्वोपरि
नीदरलैंड के साथ मजबूत होंगे संबंध
उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री की नीदरलैंड यात्रा 19 और 20 मई को थी। दो दिन पहले उन्होंने वहां प्रधानमंत्री से मुलाकात की। विदेश मंत्री से मुलाकात की। रक्षा मंत्री से भी बात की और इसके अलावा उन्होंने वहां भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की। सभी मुद्दों पर चर्चा हुई। हमें विश्वास है कि यह यात्रा दोस्ती, साझेदारी को मजबूत करेगी और हमारे संबंधों को मजबूत करेगी।