दुनिया में कीटों की संख्या लगातार कम होती जा रही है, माना जा रहा है कि 100 सालों में ये खत्म हो सकते हैं। यह जानकारी कीटों की जनसंख्या पर हुई एक रिसर्च रिपोर्ट में दी गई है। इस रिपोर्ट को फ्रैंसिसको संचेज और क्रिस एजी वायकुयस नाम के दो वैज्ञानिकों ने पिछले 40 वर्षों में प्रकाशित कीटों के सभी दीर्घकालिक सर्वेक्षणों की समीक्षा कर तैयार किया है। इन्हें खोज में पता चला है कि 40 फीसदी से अधिक कीट प्रजातियां अगले कुछ दशकों में विलुप्त हो सकती हैं।
फसल के लिए कीट बेहद जरूरी होते हैं, इनके न होने से पूरा चक्र ही टूट जाएगा। किसान कीटों को मारने के लिए कीटनाशकों का इस्तेमाल करते हैं ताकि उनकी फसल को कोई नुकसान न हो। लेकिन कई कीट ऐसे भी होते हैं जो किसानों के मित्र कह जाते हैं। ये कीट उन कीटों को खाते हैं जो फसल को नुकसान पहुंचाते हैं। अधिक कीटनाशक का छिड़काव भी कीटों के लुप्त के लिए जिम्मेदार है। ऐसा इसलिए क्योंकि कीटनाशकों का शिकार मित्रकीट व अन्य जीव जंतु भी हो जाते हैं। इसके अलावा यह फूड चेन के लिए भी बेहद जरूरी है।
कीट पौधों को परागण, मिट्टी और पानी को शुद्ध करने, कचरे को रीसायकल करने और कीट नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हर साल इनकी संख्या 2.5 फीसदी तक कम हो रही है। वैज्ञानिक इनके पतन के लिए जलवायु परिवर्तन और शहरीकरण को भी जिम्मेदार मानते हैं।