तिरंगा बना एकता और गर्व का प्रतीक
अरुणाचल की ऊंची-नीची पहाड़ियों के बीच लहराता तिरंगा हमारी एकता, शौर्य और देश के प्रति गर्व का प्रतीक बना। इस मौके पर स्कूली बच्चों और स्थानीय लोगों को तिरंगे भी बांटे गए, ताकि हर कोई अपने घर पर तिरंगा फहराकर इस अभियान का हिस्सा बन सके। आयोजकों ने कहा कि हर घर तिरंगा सिर्फ एक ध्वज यात्रा नहीं, बल्कि उन स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करने का अवसर है, जिन्होंने देश के लिए बलिदान दिया। साथ ही यह हम सभी को देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने का संकल्प दिलाता है।
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सीमा पर भी देशभक्ति की मिसाल
वहीं सीमा क्षेत्र में हुए इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि देशभक्ति सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि हर गांव, हर पहाड़ी, हर सीमा पर यह भावना एक जैसी मजबूत है। यह रैली सशस्त्र बलों और आम नागरिकों के बीच गहरे रिश्तों की एक मिसाल बनी।