पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल गरमाता जा रहा है। इसी बीच शुक्रवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। ममता बनर्जी ने कहा कि मालदा में हाल ही में हुई घटना एक सुनियोजित साजिश थी, जिसका उद्देश्य राज्य में अशांति फैलाना था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके लिए बाहर से लोगों को बुलाया गया था।
हाजरीपाड़ा मैदान में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने दावा किया, मालदा की घटना की जांच सीआईडी कर रही है। लोगों को मुंबई से लाया गया था और पूरी योजना पहले से तैयार की गई थी। जहां एनआईए उन्हें पकड़ने में नाकाम रही, वहीं हमारी सीआईडी ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बीजेपी इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा किए गए बड़े पैमाने पर प्रशासनिक तबादलों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि 506 अधिकारियों के ट्रांसफर में से 483 केवल बंगाल से हैं, जिसमें डीजीपी और मुख्य सचिव जैसे अहम पद भी शामिल हैं।
ममता बनर्जी ने मतदाताओं, खासकर महिलाओं से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि मतदान के दिन झाड़ू लेकर निकलें और वोट के जरिए जवाब दें। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों, खासकर सीआरपीएफ, का इस्तेमाल बीजेपी के पक्ष में किया जा सकता है।
इस बीच, राज्य सीआईडी ने बागडोगरा एयरपोर्ट से वकील और पूर्व AIMIM उम्मीदवार मोफक्कारुल इस्लाम को गिरफ्तार किया है, जिसे इस साजिश का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। वहीं, चुनाव आयुक्त के निर्देश और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एनआईए ने इस मामले में प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने इस घटना को न्यायिक अधिकारियों को डराने और उनके काम में बाधा डालने की सोची-समझी कोशिश बताया है और केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने को कहा है।
बताया जा रहा है कि एनआईए की टीम जल्द ही मालदा पहुंचकर जांच शुरू करेगी। स्थानीय पुलिस अब तक इस मामले में 20 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें आईएसएफ उम्मीदवार मौलाना शाहजहां अली भी शामिल हैं।