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क्या US का अनुसरण कर रहा भारत?: पूर्व राजदूत अकबरुद्दीन बोले- ऐसा कहना गलत, ट्रंप से असहमत होने की दी मिसाल

Fri, 03 Apr 2026 02:47 PM IST
Devesh Tripathi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विपक्षी दलों की ओर से भारत सरकार पर अमेरिका से समझौता करने के आरोप लगाए जाते रहे हैं। हालांकि, एक पॉडकास्ट में यूएन में भारत के पूर्व स्थायी राजदूत रहे सैयद अकबरुद्दीन ने इन आरोपों को बेबुनियाद और वास्तविकता से दूरा बताया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की लंबी लिस्ट है, जहां भारत ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की बात नहीं मानी।
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यूएन में भारत के पूर्व राजदूत सैयद अकबरुद्दीन - फोटो : ANI
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विस्तार
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संयुक्त राष्ट्र में भारत के पूर्व स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने शुक्रवार को कहा कि भारत पर अमेरिका का अनुसरण करने के आरोप अनुचित हैं और वास्तविकता से परे हैं। उन्होंने यह बयान युवा भारतीय पॉडकास्टर और उद्यमी राज शामी के यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान दिया। 
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इस बातचीत में अकबरुद्दीन ने कहा, "नहीं, मुझे लगता है कि यह कहना अनुचित है कि हम (अमेरिका का) अनुसरण करते हैं। बोर्ड ऑफ पीस को देखें। (अमेरिकी राष्ट्रपति) डोनाल्ड ट्रंप ने एक बोर्ड ऑफ पीस बनाया है; पाकिस्तान ने एक बोर्ड ऑफ पीस बनाया है। हम इसमें शामिल नहीं हुए हैं। क्योंकि हम जानते हैं कि यह कोई वास्तविक अंतर्राष्ट्रीय संस्था नहीं है।''

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अमेरिका नहीं चाहता भारत करे ईरान से बात : सैयद अकबरुद्दीन
सैयद अकबरुद्दीन ने आगे कहा, ''अमेरिका बिल्कुल भी नहीं चाहता कि हम अपने जहाजों के लिए ईरान के साथ बातचीत करें। इससे हमें वहां जाकर बातचीत करने से नहीं रोका है। हमने खुले तौर पर कहा है कि हम इसे एक-एक करके कर रहे हैं। अगर यह काम करता है, तो हम फिर से प्रयास करेंगे।''

उन्होंने आगे कहा, "अमेरिका ऐसा नहीं चाहता। वह चाहता है कि देश वहां माइनस्वीपर जैसे जहाज भेजें। वह हमारे नाम का उल्लेख भी नहीं करता, क्योंकि वे जानते हैं कि हम ऐसे देश नहीं हैं जो इस तरह पक्ष लेते हों। मैं आपको ऐसी चीजों की एक पूरी सूची दे सकता हूं, जहां हम उनके साथ नहीं खड़े हैं। यूक्रेन युद्ध पर, क्या हमने अमेरिका का समर्थन किया? नहीं।"

'वोटिंग से दूर न  हटने को कहा, हमने नहीं लिया हिस्सा' : पूर्व राजदूत
पूर्व आईएफएस अधिकारी ने कहा, "अमेरिका ने बार-बार हमसे वोटिंग से दूरी न बनाने को कहा, लेकिन हम इससे दूर ही रहे। इसलिए, मुझे नहीं लगता कि दुनिया में कोई भी यह विश्वास करता है कि भारत अमेरिका का अनुसरण करता है। यहां तक कि अमेरिका भी ऐसा नहीं सोचता। शायद यहां कुछ लोग जो एक बिंदु साबित करना चाहते हैं वे ऐसा कहेंगे, लेकिन वास्तविकता में, यह ऐसा नहीं है।"
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भारत में विपक्ष अक्सर सरकार की आलोचना करता रहा है और आरोप लगाता रहा है कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दबाव में काम करती है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी कई मौकों पर इसी तरह के बयान दिए हैं, जिसमें सुझाव दिया गया है कि भारत के प्रधानमंत्री पर समझौता किया गया है।

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