राजधानी के डॉक्टरों ने पांच चैंबर वाले बच्चे के दिल का ऑपरेशन कर उसे नया जीवन दिया है। द्वारका स्थित आकाश अस्पताल के ह्दयरोग विशेषज्ञों ने आठ वर्षीय बाको की दुर्लभ सर्जरी की है। नाइजीरिया निवासी बाको को अक्सर जल्दी थकान हो जाती थी। वह हांफने लगता था। जांच में पता चला कि उसके दिल में पांच चैंबर हैं। उसके दिल के सीधे ओर का चैंबर तीन हिस्सों में था। डॉक्टरों के अनुसार सीधे चैंबर के तीन हिस्से होने के कारण रक्तसंचार में दिक्कत थी। करीब 60 से 70 फीसदी ही रक्त ही इसके शरीर के बाकी हिस्सों तक पहुंच पा रहा था।
कार्डिएक सर्जन डॉ विशाल अग्रवाल ने बताया कि अभी तक मेडिकल साइंस में इस तरह का केस देखने को नहीं मिला है। एक करोड़ में से किसी एक बच्चे में इस तरह पांच चैंबर देखने को मिलते हैं। खास बात यह है कि इनके ऑपरेशन के सफल होने की संभावना भी कम होती है, लेकिन बाको के ऑपरेशन में चुनौतियों को स्वीकार करते हुए सफलता तक पहुंचाया।
कई अस्पतालों ने तो इलाज करने तक से इंकार कर दिया था। इसकी वजह अतिरिक्त चैंबर था। उन्होंने बताया कि इस बीमारी को डुअल चैंबर्ड राइट वेंट्रिकल कहा जाता है। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान दिल के छेद को बंद करने के बाद आगे की प्रक्रिया पर काम किया गया। चुनौती असामान्य चैंबर को निकालना था। उन्होंने बताया कि बाको को अब अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।