1000 करोड़ रुपए के कथित बीएसएनएल घोटाले की प्रारंभिक जांच पूरी हो चुकी है। सीबीआई ने यह जानकारी एक एनजीओ टेलीकॉम वॉचडॉग की याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को दी। मामला चीन की कंपनी की सहायक कंपनी को फर्जी दस्तावेज के आधार पर भुगतान से जुड़ा है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति गीता मित्तल व न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की खंडपीठ के समक्ष सीबीआई ने कहा कि जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं सौंपी है। इसलिए कोर्ट में रिपोर्ट पेश करने के लिए समय दिया जाए। कोर्ट ने एजेंसी को स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के लिये छह सप्ताह का समय दिया है। याचिका पर अगली सुनवाई 22 अक्तूबर को होगी।
सीबीआई ने 6 मार्च को कोर्ट को बताया था कि इन आरोपों की प्रारंभिक जांच पूरी होने वाली है। एनजीओ टेलीकॉम वॉचडॉग का आरोप था कि भारत संचार निगम लिमिटेड ने मेसर्स जेडटीई टेलीकॉम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलीभगत कर 1000 करोड़ रुपए के भुगतान के लिए सरकारी रिकार्ड में फेरबदल कर दिया था।
बीएसएनएल ने इन आरोपों को खारिज किया था। एनजीओ का दावा था कि इस मुद्दे पर 11 मार्च 2016 को सीबीआई को शिकायत दी गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। मामले की जांच समयबद्घ तरीके से करने का निर्देश सीबीआई को देने का आग्रह किया गया है।