जीएसटी को आम आदमी के लिए सरल बनाने की कवायद में सरकार दरों के स्लैब को भी कम करने की तैयारी में है। वर्तमान में जीएसटी के 5,12,18 और 28 सरीखे चार स्लैब हैं। सरकार इनमें संशोधन कर 12 और 18 प्रतिशत के दर वाले स्लैब को आपस में मर्ज करेगी।
इसके अलावा 28 प्रतिशत दर के स्लैब में केवल 5-7 लग्जरी वस्तुएं ही रह जाएंगी। इस बीच 10 नवंबर को होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक से भी बड़ी राहत की उम्मीद की जा रही है। पीएम मोदी हिमाचल प्रदेश की चुनावी सभी में इस बात के संकेत पहले ही दे चुके हैं।
बरकरार रहेगी 5 प्रतिशत वाली जीएसटी दर
सरकार के एक शीर्ष मंत्री के अनुसार जीएसटी के 12 और 18 प्रतिशत के स्लैब को खत्म कर बीच का एक स्लैब बनाया जाएगा, ताकि लोगों को और राहत मिले। इस कदम से जीएसटी दरों में सरलता भी आएगी।
उक्त मंत्री के अनुसार 5 प्रतिशत के जीएसटी दर को बरकरार रखा जाएगा। केवल 12 और 18 प्रतिशत की दर वाले स्लैब को खत्म कर नया स्लैब बनेगा। इसका फैसला जीएसटी काउंसिल की बैठक में होगा, लेकिन इस फैसले में अभी वक्त लग सकता है।
हालांकि सरकार ने इस पर राज्यों से अनौपचारिक चर्चा शुरू कर दी है। इसके अलावा जीएसटी के 28 प्रतिशत वाले स्लैब में शामिल वस्तुओं की लिस्ट बेहद कम की जाएगी। इसमें केवल लग्जरी वस्तुओं के सात-आठ आइटम ही शामिल रह पाएंगे।
जीएसटी स्लैब का अगर संशोधन मंजूर हो गया तो जीएसटी की दर तीन रह जाएगी। अभी चार स्लैब रखने के कदम का बचाव करते हुए सरकार के शीर्ष अधिकारी ने कहा कि महंगाई को काबू में रखने की कवायद में जीएसटी दर के स्लैबों की संख्या 5,12,18 और 28 के रूप में रखी गई थी, लेकिन स्थिति नियंत्रण में आने और टैक्स उगाही सामान्य होते ही जीएसटी दरों में बदलाव कर स्लैब को कम कर दिया जाएगा। सरकार इस दिशा में कार्य कर रही है।