राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) पश्चिम बंगाल के अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में हुई हिंसा की जांच कर रही है। हालांकि एनआईए की टीम गुरुवार सुबह हिंंसा मामले में गिरफ्तार किए गए 36 आरोपियों को विशेष एनआईए अदालत में पेश करने में विफल रही। यह दूसरी बार है जब एनआईए आरोपियों को अदालत में पेश करने में विफल रही है, और इसका कारण यह है कि मुर्शिदाबाद जिला पुलिस एक बार फिर पर्याप्त पुलिस सुरक्षा प्रदान करने में असफल रही।
यह भी पढ़ें- Vande Mataram: वंदे मातरम गाना हुआ अनिवार्य, विहिप ने किया स्वागत, संगठन ने कहा, मुसलमानों का विरोध निराधार
प्रवासी मजदूर की हत्या पर भड़की हिंसा
कलकत्ता उच्च न्यायालय के उस निर्देश के बाद, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्रालय को इस मामले में एनआईए जांच शुरू करने की स्वतंत्रता दी गई थी। एनआईए ने बेलडांगा हिंसा की जांच अपने हाथ में ले ली। यह हिंसा कथित तौर पर झारखंड में मुर्शिदाबाद के एक प्रवासी मजदूर की हत्या की फर्जी खबर के कारण भड़की थी। पिछले महीने जिस खबर के आधार पर तनाव और हिंसा भड़की थी, वह झूठी निकली। झारखंड पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी कर प्रवासी मजदूर की मौत का कारण आत्महत्या बताया है। झारखंड पुलिस ने अपने बयान के समर्थन में प्रवासी मजदूर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी हवाला दिया है।