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आधार के नए विकल्प से होगा मोबाइल और बैंक ग्राहकों का सत्यापन

Tue, 30 Oct 2018 03:50 AM IST
पीयूष पांडेय, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) दूरसंचार कंपनियों और बैंक ग्राहकों के सत्यापन के लिए नया विकल्प मुहैया कराने जा रहा है। दोनों क्षेत्रों में आगामी 5 नवंबर से आधार के जरिए ही ऑफलाइन सत्यापन होगा। इसके बाद दूरसंचार कंपनियां और बैंक बायोमेट्रिक से सत्यापन (ई-केवाईसी) नहीं कर सकेंगे। नए विकल्प में आसानी से सत्यापन के लिए ग्राहक खुद क्यूआर कोड और ऑफलाइन तरीके से आधार फाइल तैयार करेगा। इसमें ग्राहक को यह तय करने का अधिकार होगा कि वह अपने बारे में कितनी जानकारी ऑपरेटर को मुहैया कराना चाहता है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने ग्राहकों की डेटा सुरक्षा के लिए निजी क्षेत्र में आधार के सीधे इस्तेमाल पर रोक लगाई थी।

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फाइल में डाल सकते हैं यह जानकारी

नए विकल्प के जरिए सत्यापन कराने के लिए ग्राहकों को आधार की वेबसाइट पर जाकर अपना आधार नंबर और वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) डालना होगा। फिर पिन कोड डालकर सत्यापन करना होगा। इस फाइल में वह अपना नाम, पता, जन्म-तिथि, फोटो, मोबाइल नंबर और ई-मेल संबंधी जानकारी डाल सकता है। 

गलत इस्तेमाल पर सजा

नए विकल्प के तहत ऑपरेटर को आधार नंबर भी नहीं दिखेगा। उसे सिर्फ क्यूआर कोड या ऑफलाइन फाइल ही मिलेगी। खास बात यह है कि यह फाइल पूरी तरह पासवर्ड से सुरक्षित रहती है। ग्राहक अगर पेन ड्राइव या अन्य किसी माध्यम से यह फाइल ऑपरेटर के पास ले जाता है तो वह बिना ग्राहक की मर्जी से फाइल नहीं खोल सकेगा।  यूआईडीएआई ने यह व्यवस्था ग्राहक के डेटा और जानकारी की सुरक्षा के लिए की है। ऑपरेटर या सेवा प्रदाता कंपनी अगर इस फाइल का गलत इस्तेमाल करती है तो उन्हें सजा भी हो सकती है। 
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क्यूआर स्कैनर की सुविधा

सभी आधार में क्यूआर कोड होता है। इसे भी प्राधिकरण की वेबसाइट पर जाकर निकालना होता है, जिसे स्कैन कर ऑपरेटर सत्यापन कर सकेगा। स्कैन से पता चल जाएगा कि क्यूआर कोड में दी गई जानकारी सही है या नहीं। यूआईडीएआई इसके लिए ऑपरेटर और बैंकों को वेबसाइट पर स्कैनर डाउनलोड करने की सुविधा दे रहा है।  

फर्जी तरीके से नहीं ले सकेंगे सिम 

दूरसंचार कंपनियों और बैंकों के बाद ऑफलाइन फाइल की जांच यूआईडीआई करेगा। ऐसे में कोई भी फर्जी तरीके से सिम भी नहीं ले पाएगा। हालांकि, इसके अलावा दूरसंचार कंपनियां ऑनलाइन सत्यापन का विकल्प भी लागू करने जा रही हैं।

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