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फर्जी ऐप डाउनलोड करके हो जाएंगे कंगाल, आपको बचाने आया नैसकैप

Thu, 17 Jan 2019 07:25 PM IST
आसिम खान अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
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जब आप गूगल प्ले स्टोर से किसी कंपनी का ऐप डाउनलोड करने लगते हैं तो सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि आप कौन सा ऐप डाउनलोड करें। क्योंकि एक ही नाम से दर्जनों ऐप आपके सामने खुल जाती हैं। ऐसे में सबसे बड़ा खतरा यह होता है कि अगर आपने किसी फर्जी ऐप को डाउनलोड कर लिया तो उसके माध्यम से आपकी व्यक्तिगत जानकारी आपके मोबाइल से चोरी की जा सकती है। इन जानकारियों के माध्यम से आपके बैंक से आपकी गाढ़ी कमाई गई रकम चोरी हो सकती है। ऐसी घटनाएं बड़ी संख्या में घट रही हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकेगा। 

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अब नहीं चलेगा फर्जी का खेल

लेकिन आम यूजर की इस परेशानी को खत्म करने का आइडिया सामने आ गया है। अब आप किसी भी ऐप, प्रॉडक्ट, कंपनी, माल के फर्जी होने की जानकारी नैसकैप (NasCap) से साझा कर सकते हैं। नैसकैप न सिर्फ आपको फर्जी सामानों की परेशानी से बचाएगा, बल्कि किसी फर्जी प्रॉडक्ट की जानकारी देने पर ईनाम भी देगा। फर्जी चीजों के बारे में आप नैसकैप के ऐप के द्वारा भी कर सकेंगे। 

नैसकैप के डायरेक्टर जनरल दिनेश जोटवानी ने अमर उजाला से बताया कि इसके माध्यम से सिर्फ सॉफ्टवेयर के फर्जी ऐप को ही नहीं हटाया जाएगा, बल्कि दवाइयों, गाड़ियों, कपड़ा उद्योग, खानेपीने के सामान हों या कोई इलेक्ट्रानिक सामान हो, सबकी फर्जी कंपनियों पर नकेल कसने की कोशिश की जाएगी। जोटवानी के मुताबिक किसी भी उपयोगकर्ता से किसी ऐप या कंपनी के फर्जी होने की जानकारी मिलने पर वे असली कंपनी से मिलकर इस समस्या का हल निकालेंगे। इसके लिए उचित स्टेप पर सुरक्षा एजेंसियों की मदद भी ली जाएगी। 
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कैसे काम करेगा नैसकैप

नैसकैप फिलहाल एक एनजीओ के माध्यम से चलाया जा रहा है। लेकिन शीघ्र ही इसमें सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका भी अहम हो जाएगी। किसी कंपनी के फर्जी होने की जानकारी देने पर जहां जानकारी देने वाले को ईनाम दिया जाएगा, वहीं जिस कंपनी के नाम का फर्जी प्रॉडक्ट बाजार में चल रहा है, नैसकैम उनसे कुछ राशि वसूलेगा। 

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