पश्चिम बंगाल में भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा
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पश्चिम बंगाल चुनाव में नेताओं की जान खतरे में है। केंद्रीय अर्धसैनिक बल और पश्चिम बंगाल पुलिस उन नेताओं को सुरक्षा मुहैया करा रही है, जिनके बारे में खुफिया एजेंसियां खतरे का इनपुट देती हैं। सीआरपीएफ ने अभी तक पश्चिम बंगाल में 13 लोगों को विभिन्न स्तर की सुरक्षा मुहैया कराई है।
इनमें जेड श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त लोगों की संख्या पांच है, जबकि वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा लेने वाले लोग भी पांच ही हैं। इनके अलावा वाई श्रेणी में एक और दो लोगों को एक्स श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। सीआरपीएफ डीजी कुलदीप सिंह ने कहा, पहले चरण का चुनाव शांतिपूर्वक तरीके से संपन्न कराने के लिए सीएपीएफ की 725 कंपनियां तैनात की जा रही है। अभी तक केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 495 कंपनियां पश्चिम बंगाल में पहुंच चुकी हैं।
डीजी कुलदीप सिंह बताते हैं, चुनाव आयोग की हिदायतों के अनुसार केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती की जाती है। अगर किसी व्यक्ति को खतरा है और संबंधित एजेंसियों द्वारा ऐसी रिपोर्ट दी गई है, तो उस व्यक्ति को सुरक्षा मुहैया करा दी जाती है। खास बात है कि जब किसी व्यक्ति को सुरक्षा देने का आदेश आता है तो सीआरपीएफ कुछ ही घंटों में सुरक्षा मुहैया करा देती है।
पश्चिम बंगाल में पहले चरण का चुनाव संपन्न कराने के लिए सात सौ से अधिक कंपनियां मोर्चा संभालेंगी। कौन सा इलाका या बूथ अति संवेदनशील है या संवेदनशील है, चुनाव आयोग द्वारा यह सब तय किया जाता है। उसी हिसाब से उन इलाकों में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती होती है।