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जैविक खेती से बदल रहा लद्दाख के किसानों का जीवन, आय में हो रही जबरदस्त वृद्धि

Tue, 04 Aug 2020 03:09 AM IST
संजीव कुमार झा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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जैविक खेती - फोटो : pixabay
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केमिकल खेती के चलते तेजी से बंजर हो रही जमीन को बचाने के लिए जैविक खेती का अभियान शुरू किया गया। यूं तो पूरे देश में किसानों के हालात बदल रहे हैं लेकिन लद्दाख में इसका सबसे अधिक असर और चलन देखने को मिल रहा है।

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किसानों ने भी मिशन आर्गेनिक डेवलपमेंट इनिशिएटिव (मोदी) के तहत 66 गांवों में जैविक खेती की मदद से न केवल आय में इजाफा कर रहे हैं, बल्कि खेतों और जलवायु को भी रसायन के प्रयोग के चलते होने वाले नुकसान से बचा रहे हैं। इसके चलते किसान एक ही खेत में फूल, तरबूज, गाजर, गोभी ब्रोकली और शिमला मिर्च का उपजा रहे हैं।

जबकि पहले लद्दाख में छह माह जब मौसम ठीक रहता है, अमूमन किसान एक फसल की उपज करते थे, लेकिन अब वह एक से ज्यादा फसलों के उत्पादन में नवीन और उन्नत जैविक तकनीकों के माध्यम से सक्षम हो गए हैं।  
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हाल ही में सिक्किम की तर्ज पर पूरे लद्दाख को जैविक खेती के लिए प्रेरित करने के लिए तीन चरणों में बांट कर विधिवत ढंग से मोदी योजना की शुरुआत की गई थी। इसके तहत 2025 तक पूरे लद्दाख को उर्वरक खेती से मुक्त करना है। इसके कृषि विकास विभाग द्वारा किसानों को सस्ते बीज जैविक खाद बनाने के परीक्षण के अलावा ग्रीन हाउस भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

जिसकी मदद से किसान एक ही खेत में कई तरह की फसलों को उपजा पा रहे हैं। इस योजना से एक अनुमान मुताबिक लद्दाख के 40 फीसदी किसानों को फायदा होगा। 241 गांवों के किसानों को इस योजना का लाभ मिलेगा। यहां किसान साल भर में होने वाली एक फसल के बजाए तीन से चार फसलें उगाने में सक्षम हो जाएंगे।

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