अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीय विमानन उद्योग यात्रियों की संख्या के लिहाज से वर्ष 2025 तक ब्रिटेन को पछाड़ कर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाजार बन जाएगा। भारतीय विमानन उद्योग पिछले दो वर्षों के दौरान 20 प्रतिशत से ज्यादा गति से बढ़ रहा है। आईएटीए के अनुसार इस समय अमेरिका, चीन और ब्रिटेन के बाद चौथे नंबर पर मौजूद भारत वर्ष 2025 तक ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा। साथ ही वर्ष 2030 तक इंडोनेशिया भी ब्रिटेन का पीछे छोड़ देगा।
तीन गुना बढ़ेंगे यात्री
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अगले 20 वर्ष में हवाई यात्रियों की संख्या में काफी अच्छी वृद्धि होगी। वर्ष 2036 तक भारत में हवाई यात्रा करने वालों की सालाना संख्या बढ़कर 47.8 करोड़ पर पहुंच जाएगी। इस दौरान चीन भी अमेरिका को पीछे छोड़ देगा। चीन में हवाई यात्रियों की संख्या 20 साल में 92.1 करोड़ से बढ़कर डेढ़ अरब और अमेरिका में 40.1 करोड़ से बढ़कर एक अरब 10 करोड़ पर पहुंच जाएगी। आईटा ने बताया कि इन 20 साल में दुनिया भर में हवाई यात्रियों की सालाना संख्या चार अरब से बढ़कर सात अरब 80 लाख हो जाएगी।
रिपोर्ट के मुख्य तथ्य
- भारत 2020 तक जर्मनी और जापान को तथा 2023 तक स्पेन को पीछे छोड़ देगा। इसके बाद वर्ष 2024 के अंत तक वह ब्रिटेन को पछाड़ कर तीसरे स्थान पर पहुंच जाएगा।
- भारत में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या में 18.28 फीसदी की दर से वृद्धि हो रही है, यह संख्या वर्ष 2018-19 में 243 मिलियन तथा वर्ष 2020 में 293 मिलियन तक पहुंच जाएगी।
- शीर्ष दो स्थानों पर अमेरिका और चीन बने कायम रहेंगे लेकिन अगले दशक के मध्य तक अमेरिका को पछाड़कर चीन पहले स्थान पर होगा। इसमें वर्ष 2037 तक पहले तीन स्थान पर क्रमश: चीन, अमेरिका और भारत के बने रहने की बात कही गई है, बशर्ते सरकारों की विमानन नीतियों में कोई खास बदलाव न हो।
- अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात में वर्ष 2018 में 10.43 फीसदी की वृद्धि हुई और यात्रियों की संख्या साढ़े करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी है। वर्ष 2020 तक यह आंकड़ा साढ़े सात करोड़ के पार जा सकता है।
मौजूदा स्थिति
वैश्विक विमानन बाजार में फिलहाल पहले नंबर पर अमेरिका, दूसरे नंबर पर चीन, ब्रिटेन तीसरे स्थान पर, स्पेन चौथे स्थान पर, जापान पांचवे और जर्मनी छठे स्थान पर है।
अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (IATA)
- यह अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों के लिए एक व्यापार संघ है। अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ 120 देशों के 280 अनसूचित अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस का एक समूह है।
- आईएटीए की स्थापना वर्ष 1945 में की गई थी। IATA का मुख्यालय कनाडा के मॉन्ट्रियल में है।
- यह संगठन हवाई यात्रा क्षेत्र से संबंधित नीति तथा मानक तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके अतिरिक्त यह संगठन कई क्षेत्रों में प्रशिक्षण भी उपलब्ध करवाता है।
भारतीय विमानन बाजार के सामने कई ऐसी समस्याएं हैं, जिनका ठोस निदान न खोजने पर यही विमानन क्षेत्र नकारात्मक परिणाम भी दे सकता है। ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव और हवाई अड्डों में बुनियादी ढांचे की कमी ऐसी के कारण हैं। कच्चे तेल के दाम में आने वाली तेजी का असर विमानन उद्योग पर तुरंत दिखाई देता है। कंपनियों को इस वजह से टिकट के दाम बढ़ाने पड़ते हैं, ताकि वो अपना घाटा पाट सकें।