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इमरान के बयान के बाद हलचल तेज, गृह मंत्रालय में बैठकों का दौर जारी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Shilpa Thakur Updated Wed, 20 Feb 2019 12:15 PM IST
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भारत के उच्चायुक्त अजय बिसारिया और गृह मंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : ANI

पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत सरकार का रुख बेहद सख्त है और कई बड़े फैसले लेने की तैयारी हो रही है। सरकार ने पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त अजय बिसारिया को दिल्ली बुलाया था। बुधवार को बिसारिया गृह मंत्रालय पहुंचे। उन्होंने गृहमंत्री राजनाथ सिंह के साथ बातचीत की।


  अमेरिका में भारत के उच्चायुक्त हर्ष वर्धन श्रिंगला भी गृह मंत्रालय पहुंचे। यहां उन्होंने गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिलाकात की।  

सेना पर हुआ था हमला

बता दें 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ पर आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाया गया। इसमें 40 जवान शहीद हो गए जबकि पांच घायल हुए थे। ये एक आत्मघाती हमला था। जिसकी जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है।

क्या बोले इमरान खान?

पाकिस्तानी पीएम ने कहा था कि अगर भारत पाकिस्तान पर हमला करने के बारे में सोच रहा है तो हम निश्चित रूप से इसका जवाब देंगे। कोई दूसरा विकल्प नहीं होगा। पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के लिए की जा रही मांग पर खान ने कहा कि जंग शुरू करना आसान है लेकिन इसे खत्म करना मुश्किल है।


इमरान खान के कहा कि हम जांच के लिए तैयार हैं। दहशतगर्दी में 70 हजार पाकिस्तानी मारे गए हैं। हमारा 100 अरब डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ है। हम बात करने को तैयार। बातचीत से मसला हल होगा। हम आतंक पर बात करने को तैयार हैं। अगर आप सोच रहे हैं कि आप पाक पर हमला करेंगे तो पाकिस्तान भी पीछे नहीं रहेगा। हम पीछे नहीं हटेंगे। हम दहशतगर्दी की बात करेंगे।  उन्होंने कहा कि हम युद्ध का पूरा जवाब देंगे।

क्या बोली भारतीय सेना?

सेना, सीआरपीएफ और जम्मू पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना ने कहा कि पुलवामा में हुए आत्मघाती आतंकी हमले के पीछे जैश-ए-मोहम्मद और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ है। पाकिस्तान का 100 फीसदी इनवॉल्वमेंट हैं। इसमें हमें और आपको कोई शक नहीं है। 

अभी तक भारत ने क्या किया?

भारत ने पुलवामा हमले के बाद तमाम कृटनीतिक मोर्चों पर पाकिस्तान को घेरने के साथ ही उसकी आर्थिक घेराबंदी भी शुरू कर दी। पड़ोसी देश का ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन)’ का दर्जा खत्म करने के बाद वहां से होने वाले तकरीबन 3400 करोड़ रुपये के सामानों के आयात पर भी 200 फीसदी का भारी-भरकम शुल्क थोप दिया। 

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