गंगा व यमुना को जीवित इंसान का दर्जा दिए जाने के नैनीताल हाईकोर्ट केफैसले से परेशान केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। केंद्र सरकार ने याचिका दाखिल कर कहा है कि हाईकोर्ट के आदेश के कारण उसके सामने कई प्रशासनिक अड़चनें पैदा हो गई हैं।
केंद्र सरकार ने अपनी याचिका में कहा कि प्रशासनिक अड़चनें पैदा होने से हाईकोर्ट केआदेश को पालन करना संभव नहीं हो पा रहा है।
20 मार्च को नैनीताल हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि राज्य के मुख्य सचिव और एडवोकेट जनरल कानूनी अभिभावक होंगे जबकि गंगा गोमुख से शुरू होकर बंगाल की खाड़ी तक जाती है। उसका दायरा उत्तराखंड तक ही सीमित नहीं हैं। ऐसे में उत्तराखंड के प्रशासनिक अधिकारी समूची नदी के सभी मुद्दों का समाधान कैसे कर सकते हैं।